प्रभु श्री राम का आदर्श आज के सनातन समाज के लिए अनुकरणीय है ।

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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दाद सुखानी, रामलाल गौतम

प्रभु श्री राम का आदर्श आज के सनातन समाज के लिए अनुकरणीय है और सदा रहेगा* श्री विमल जी गुप्ता

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संपूर्ण देश वंदे मातरम् के उद्घोष से गुंजायमान हो रहा है, इसी क्रम में दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन जे के पैलेस में संपन्न हुआ, इस कार्यक्रम  मे बड़ी संख्या में  महिला व पुरुषों ने परम पूज्य दंदरौआ सरकार महंतजी श्री श्री 1008 श्री रामदास जी महराज के अमृत वचनों  का लाभ लिया और कार्यक्रम के अंत में भारत माता की करती के उपरांत भोजन प्रसादी के बाद अपने अपने गंतव्य को प्रस्थान किया।

 कार्यक्रम में मंच पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक  श्री विमल जी गुप्ता,
हिंदू जागरण मंच संयोजिका
श्रीमती मानसी जी मुड़ौतिया
पूज्य महंत श्री दूधखो धाम सरकार,महंत श्री बावड़ी सरकार हनुमान मंदिर इंदरगढ़ एवं कार्यक्रम के संयोजक श्री राजेश दांतरे जी।
अपने आशीर्वचन  में परम् पूज्य दंदरौआ धाम महंत जी ने कहा कि माताओं को पुनः शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसे संस्कार अपनी संतानों में डालने होंगे भगवान श्री राम का आदर्श प्रस्तुत करना होगा सभी को जातिगत भेदभाव भुलाकर समाज के लिए संगठित होकर कार्य करना आज की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि अब समय आ गया है किसी भी समस्या के समाधान के लिए  एकजुट होकर खड़ा होगा।
मुख्य वक्ता श्री विमल जी 
ने अपने उद्वोधन में कहा कि भगवान श्री राम का आदर्श सनातन समाज के लिए आज भी प्रासंगिक है।
भगवान राम का चरित्र समाज के लिए समरसता का उच्चतम आदर्श प्रस्तुत करता है। यह समरसता का भाव सभी हिंदुओं के लिए अनुकरणीय है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में एक बड़ा परिवर्तन लाना होगा और हिन्दुओं को जनसंख्या असंतुलन पर गंभीरता से विचार करना होगा।
उन्होंने संघ की सौ वर्ष की विकास यात्रा में आए पड़ावों का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शाखा के माध्यम से  संस्कारित चरित्रवान एवं देशभक्त नागरिकों को गढ़ने का काम अनवरत रूप से कर रहा है।

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