दतिया में समान नागरिक संहिता पर जनसंवाद: नागरिकों से मांगे सुझाव, 22 जून तक।

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

दतिया में समान नागरिक संहिता पर जनसंवाद: नागरिकों से मांगे सुझाव, 22 जून तक*

 Ucc.mp.gov.in पर भेजें अपने विचार — लोकतांत्रिक भागीदारी से बनेगा समावेशी कानून : शोभा पैठणकर*


 दतिया // मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति* द्वारा सोमवार को दतिया स्थित रावतपुरा कॉलेज में एक *व्यापक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का* उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव और विचार प्राप्त कर *प्रस्तावित कानून को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और जनभावनाओं* के अनुरूप तैयार करना रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च स्तरीय समिति की सदस्य शोभा पैठणकर ने की। इस अवसर पर *भाजपा जिला अध्यक्ष ,सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े* , नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि  सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक *संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, विद्यार्थी, महिलाएं एवं बड़ी संख्या* में नागरिक उपस्थित रहे।संविधान के *अनुच्छेद-44 से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय :  शोभा पैठणकर,जनसंवाद* को संबोधित करते हुए समिति सदस्य  शोभा पैठणकर ने कहा कि समान नागरिक संहिता भारतीय *संविधान के भाग-4 में वर्णित राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद-44* से संबंधित विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून निर्माण की प्रक्रिया में *समाज के हर वर्ग और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करना चाहती* है, ताकि बनने वाला कानून व्यापक *जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व कर सके।उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक* जिले में आयोजित हो रहे जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से प्राप्त *सुझावों का विधि विभाग द्वारा विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। इसके* बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर प्रारूप तैयार किया जाएगा और आगे की *कार्रवाई के लिए उसे विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा,नागरिकों* की सक्रिय भागीदारी से बनेगी बेहतर नीति : *कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े,कार्यक्रम में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने* कहा कि समान नागरिक संहिता जैसा महत्वपूर्ण विषय सीधे समाज और नागरिकों के *जीवन से जुड़ा है, इसलिए इसमें आमजन की भागीदारी अत्यंत आवश्यक* है।
उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया *कि वे 22 जून 2026 तक ucc.mp.gov.in पोर्टल पर अपने सुझाव,* विचार और सुझावात्मक टिप्पणियां दर्ज करें। *उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की सक्रिय* सहभागिता ही बेहतर, संतुलित और समावेशी नीति निर्माण का आधार बनती है। *महिलाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रखे अपने विचार,जनसंवाद कार्यक्रम* के दौरान महिलाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने समान *नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर खुलकर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों* ने सामाजिक न्याय, पारिवारिक कानूनों, महिला अधिकारों, समानता, पारदर्शिता *तथा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का माहौल संवादात्मक* रहा, जिसमें उपस्थित नागरिकों ने विषय से जुड़े अपने *अनुभव, अपेक्षाएं और सुझाव साझा किए। समिति के सदस्यों ने भी विभिन्न बिंदुओं पर नागरिकों की* बातों को गंभीरता से सुना और सुझावों को दर्ज किया।22 जून तक *ऑनलाइन सुझाव देने की अपील,जनसंवाद के अंत में उपस्थित नागरिकों से अपील* की गई कि वे अधिक से अधिक संख्या में ucc.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने *सुझाव दर्ज करें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया* जा सके तथा समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के साथ एक संतुलित और व्यापक *नीति तैयार की जा सके।कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी,* विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, *समाजसेवी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित* रहे,जनसंवाद का समापन नागरिक सहभागिता और *लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के संदेश के साथ हुआ।

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