दतिया 255 वां डॉ.सीकर स्मृति कविता पर्व भव्यता के साथ सम्पन्न ,साहित्यकारों की प्रेरणा है कविता पर्व -- डाॅ.मधुलिका‌ सिंह

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव रिपोर्टर चेतन दास सुखानी साहित्यकारों की प्रेरणा है कविता पर्व -- डाॅ.मधुलिका‌ सिंह डॉ.आलोक सोनी ने डाॅ.मधुलिका सिंह का किया सम्मान
‌ ‌ दतिया मेरे जीवन का अनमोल क्षण बन गया है कविता पर्व । कला , साहित्य , संस्कृति जगत में डॉ.आलोक एक जाना पहचाना नाम हैं , वह अनेक कवियों के प्रेरणा रहे हैं , वह चलते फिरते संस्थान है , आज डॉ.आलोक से सम्मान पाकर मैं गौरवान्वित हूं यह मेरे जीवन का अनमोल क्षण है । साहित्यकारों की प्रेरणा है कविता पर्व - उक्त विचार डॉ. आलोक संस्थान के तत्वावधान में न्यू दतिया पब्लिक स्कूल के परिसर में , डॉ. सीकर की स्मृति में आयोजित 255 वें मासिक कविता पर्व के 21वर्ष पूर्ण होने के बाद आयोजित डबल प्लेटिनम , गोल्डन जुबली समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से देश की जानी मानी गीतकार डाॅ.मधुलिका सिंह भदौरिया (ग्वालियर) ने व्यक्त किए । अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष , अनेक इंटरनेशनल अवॉर्ड विनर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. आलोक सोनी ने की । विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्यकार डी के सक्सेना ,( ग्वालियर) उपस्थित थे । अतिथि कवि के रूप में जीवाजी विश्वविद्यालय के कपिल सक्सेना उपस्थित थे । कविता पर्व का सफल संचालन प्रसिद्ध कवि मनीराम शर्मा ने किया । सुन्दर स्वर लहरी में तनु प्रताप सिंह गौर ने सरस्वती वंदना से कविता पर्व की शुरुआत की । इस अवसर पर डॉ.आलोक सोनी ने उत्कृष्ट सेवा कार्यों से प्रभावित होकर , डाॅ.मधुलिका सिंह , डी के सक्सेना ,कपिल सक्सेना को शाल , श्रीफल , अंगपट्टिका उड़ाकर सम्मान किया तो वही अमर सिंह दिनकर ने डॉ आलोक सोनी, डाॅ.मधुलिका सिंह के व्यक्तित्व कृतित्व को रेखांकित करते हुए कविता सुनाई । महेश त्रिपाठी ने कहा - ये जीवन परीक्षाओं का खेल है । सुप्रसिद्ध कवि डॉ.राज गोस्वामी ने बहुत बेहतरीन रचना सुनाई ओर कहा - डाॅ.आलोक सोनी का कविता पर्व साहित्यक विश्वविद्यालय है , यहां से निकले साहित्यकार साहित्य अकादमी पुरूस्कार प्राप्त कर रहे हैं । बुन्देली कवि हरि कृष्ण हरि ने कहा ने कहा - झमाझम बरसा बदरे रे । डाॅ.राजेन्द्र सिंह खेंगर ने कहा -- मैं कलम हूं लगातार चलती रही । हेड कांस्टेबल कवि सुघर सिंह रावत ने कहा - शहीदों की शहादत पर तिंरगा खूब रोता है । विशिष्ट अतिथि डी के सक्सेना ने कहा -- यहां धुरंधर लोगों की बस्ती में मेरी क्या हस्ती है , लेकिन आज देश के जानी मानी शख्शियत डाॅ. आलोक सोनी से सम्मान पाना मेरे जीवन का स्वर्णिम अध्याय है । सहदेव कुशवाहा ,कपिल सक्सेना ने उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत किए । प्रसिद्ध साहित्यकार हरिहर शर्मा ने कहा - मैं डाॅ.आलोक के कार्यो , उपलब्धियों का कायल हूं । उनकी कार्य के प्रति निष्ठा तथा लोगों को प्रोत्साहन देने का कार्य अनुकरणीय है । सुन्दर लाल श्रीवास्तव ने कहा -- घबराने नईया चायें कछु हो जाये ,सराही गई । साहित्य अकादमी पुरूस्कार प्राप्त कमलकांत शर्मा ने कहा -- कविता पर्व से आज बहुत बेहतरीन साहित्यक माहौल बन गया है । इस अवसर पर , तनु प्रताप सिंह , देव प्रजापति ने अतिथियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया । आभार कमलकांत शर्मा ने व्यक्त किया ।

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