*नशा मुक्ति अभियान सिर्फ कागजों में, इंदरगढ़-सेवढ़ा क्षेत्र में खुलेआम बिक रही अवैध शराब*?

खबर आपतक न्यूज़ इंडिया दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव रिपोर्टरचेतन दास सुखानी
*नशा मुक्ति अभियान सिर्फ कागजों में, इंदरगढ़-सेवढ़ा क्षेत्र में खुलेआम बिक रही अवैध शराब* *इंदरगढ़, दतिया।* प्रशासन और पुलिस द्वारा समाचार पत्रों व सोशल मीडिया पर नशा मुक्ति अभियान के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक गली-मोहल्लों में ठेकेदारों द्वारा खुलेआम सस्ते दामों पर अवैध शराब की बिक्री जोरों पर है। पुलिस द्वारा कभी-कभी दिखावे के लिए कार्रवाई कर टारगेट पूरा कर लिया जाता है, लेकिन कुछ दिन बाद वही विक्रेता फिर से बिक्री शुरू कर देते हैं। इससे आबकारी विभाग, पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत पर सवाल खड़े होते हैं। *नेता और अधिकारियों का संरक्षण* स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों को नेताओं व अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। इंदरगढ़ नगर के ग्वालियर रोड, सेवढ़ा रोड, भांडेर रोड, दतिया रोड और नेतुवापुरा में खुलेआम शराब बेची जा रही है। अगर कोई आम आदमी आवाज उठाता है तो उसे ही झूठे आरोपों में फंसाकर दबाने का प्रयास किया जाता है। केवल जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होता है या वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश आते हैं, तभी मजबूरी में कार्रवाई होती है। *पूछती है जनता* सेवढ़ा विधानसभा में गिने-चुने लाइसेंसी दुकानें हैं, फिर कस्बों और मुख्य रोड पर अवैध दुकानें कैसे संचालित हो रही हैं? क्या आबकारी विभाग और पुलिस को यह नहीं दिखता? कंजर डेरों पर कार्रवाई का दिखावा होता है, लेकिन मुख्य आरोपी पकड़ में नहीं आते, उन्हें सूचना पहले कैसे मिल जाती है? प्रदेश में जहरीली शराब से बड़े हादसे होने के बाद भी आबकारी व पुलिस क्यों नहीं जागती? यह सवाल अब जनता पूछ रही है।?

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