*राष्ट्र की चेतना का गान है वन्दे मातरम् — मनोज दुबौलिया*

खबर आपतक न्यूज़ इंडिया दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
बीकर। वन्दे मातरम् की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में विद्याभारती मध्यभारत प्रांत के आह्वान पर शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीकर में सामूहिक वन्दे मातरम् गायन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, आचार्य-दीदी, पूर्व छात्रों, समिति सदस्यों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज दुबौलिया, प्रांतीय सह सचिव विद्याभारती (ग्रामीण शिक्षा), मध्यभारत प्रांत ने कहा कि “वन्दे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना का मंत्र है।” उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् भारत माता की आराधना और राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने वाला राष्ट्रगीत है। उन्होंने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय हैं और इसका प्रकाशन उनके उपन्यास आनंदमठ में हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना और स्वाधीनता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् हमें स्वतंत्रता संग्राम के उन अनगिनत सेनानियों और शहीदों के बलिदान को स्मरण करने की प्रेरणा देता है, जिनके संघर्ष से देश स्वतंत्र हुआ। उन्होंने सभी से राष्ट्रगीत के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन मैथिलीशरण दांगी ने किया। अध्यक्षता संस्था के प्राचार्य लतेश सरगैया ने की। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। भारत माता की जय। वन्दे मातरम्।

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