खबर आपतक न्यूज़ इंडिया
जिला दतिया सह. संपादक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव
ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया: त्रयोदशी के भोज में मचा हड़कंप! रसगुल्ले खाते ही 1000 से ज्यादा ग्रामीण हुए फूड पॉइजनिंग के शिकार, गांव में आधी रात लगा मेडिकल कैंप
दतिया जिले के भांडेर ब्लॉक से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के उड़ीना गांव में आयोजित एक त्रयोदशी (तेरहवीं) के कार्यक्रम में सामूहिक भोज के बाद 1,000 से अधिक लोग अचानक फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। आशंका जताई जा रही है कि भोज में परोसे गए खोया (मावा) के जहरीले रसगुल्ले खाने से ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।*
15 अक्टूबर का था कार्यक्रम, आज फूटा बीमारी का बम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ीना गांव के निवासी तिलक सिंह यादव के बुजुर्ग पिता एदल सिंह पटेल के निधन के बाद 15 अक्टूबर को त्रयोदशी का कार्यक्रम रखा गया था। इस भोज में उड़ीना सहित आसपास के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए थे।
भोज में मेहमानों को भोजन के साथ खोए से बने रसगुल्ले परोसे गए थे। शनिवार सुबह से ही रसगुल्ले खाने वाले ग्रामीणों को अचानक तेज पेट दर्द, लगातार उल्टियां और सिर चकराने जैसी गंभीर शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते बीमारों का आंकड़ा 1000 के पार पहुंच गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
*स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी: गांव ही बन गया अस्पताल*
*जैसे ही दतिया जिला प्रशासन को इस सामूहिक फूड पॉइजनिंग की भनक लगी, स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया। डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों की एक बड़ी टीम एम्बुलेंस और दवाइयों के बड़े स्टॉक के साथ शनिवार को ही उड़ीना गांव पहुंच गई।*
*हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बिना देर किए उड़ीना गांव के भीतर ही एक आपातकालीन मेडिकल कैंप (स्वास्थ्य शिविर) स्थापित कर दिया। सैकड़ों ग्रामीणों का मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। जिन मरीजों की हालत ज्यादा खराब थी, उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से भांडेर, इंदरगढ़ और दतिया जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया।*
खाद्य विभाग ने कसे हाथ, लिए मिठाइयों के सैंपल
घटना की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी फौरन मौके पर पहुंची। टीम ने कार्यक्रम स्थल और हलवाई के पास से मिठाइयों, रसगुल्लों और मावे के सारे सैंपल जब्त कर लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए तुरंत लैब भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मिलावटी या खराब मावा इस्तेमाल करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
*प्रशासन का आधिकारिक बयान: 'हालात पूरी तरह काबू में'*
*भांडेर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. जयंत यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "ग्रामीणों में फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखने के बाद डॉक्टरों की टीम ने गांव में ही डेरा डाल दिया था। राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि शुरुआती इलाज के बाद किसी भी मरीज में अति गंभीर (Critical) लक्षण नहीं पाए गए हैं। सभी मरीजों की स्थिति अब स्थिर है और पूरा मामला जिला प्रशासन की देखभाल है जिला प्रशासन का कहना अभी एस्ती काबू में है*
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