KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष प्रशांत वैद्य ने बताया कि प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारियों की वर्षो से लंबित 14 सूत्रीय एवं आयुष विभाग की 9 सूत्रीय मांगो को लेकर निरंतर महासंघ द्वारा विगत कई वर्षों से अनेकों बार शासन विभाग से पत्राचार कर प्रत्यक्ष भेंटकर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत नियमित तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा/ एड्स नियंत्रण समिति संविदा/ आउटसोर्स /रोगी कल्याण समिति /गैस राहत/ आयुष विभाग आदि के अंतर्गत संबंधित अधिकारी कर्मचारियों की विभागीय समस्याओं , मांगों के निराकरण हेतु विभाग से निवेदन किया जा रहा है जिसमें अनेकों मांग अनार्थिक है तथा सैद्धांतिक है परंतु विभाग शासन के द्वारा कई बार चर्चा उपरांत सहमति बनने के बाद भी आज दिनांक तक आदेश निर्देश न होने के कारण प्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। जिसे ध्यान में रखते हुए महासंघ एवं महासंघ से जुड़े अन्य सभी स्वास्थ्य संगठनों के पदाधिकारियो ने निर्णय लिया है कि अगर समय सीमा में मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो प्रदेश व्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
वैद्य ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत समस्त अधिकारी कर्मचारी मानव सेवा करते हैं महत्त्वपूर्ण विभाग हे परंतु विभाग की मनमानी के कारण मजबूरन आंदोलन की राह पर जाना पड़ता है, माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि समय रहते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से विचार कर शीघ्र निराकरण करें, 24 फरवरी को हजारों की संख्या मे भोपाल एकत्रित होकर न्याय यात्रा रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराएंगे, इसके पश्चात हड़ताल पर जाएंगे, जिसकी समस्त जबाबदारी विभाग की होगी ।
प्रमुख मांग ......
1..चिकित्सकों की भांति रात्रि कालीन आकस्मिक चिकित्सा भत्ता दिया जावे।
2..रेडियोग्राफर,डार्क रूम असिस्टेंट, अटेंडेंट को रेडिएशन जोखिम भत्ता दिया जावे।
3..ग्वालियर और रीवा मेडिकल कॉलेज की भांति समस्त मैडिकल कॉलेज के नर्सिंग ऑफिसर कर्मचारी को तीन एवं चार वेतन वृद्धि दी जाए ।
4..अन्य राज्यों की भांति समस्त कैडरों के पद नाम परिवर्तन किया जावे।
5.. सामान्य प्रशासन विभाग की 2023 की नीति एनएचएम में संविदा कर्मचारियों के लिए पूर्ण रूप से लागू की जावे अथवा नियमित किया जावे।
6..एड्स नियंत्रण समिति अंतर्गत संविदा कर्मचारियों को एनएचएम विभाग में मर्ज किया जावे अथवा नियमित किया जावे।
7..आउटसोर्स एवं रोगी कल्याण समिति के कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाई जावे ताकि उनको समय पर वेतन एवं सेवाएं सुरक्षित रह सके। समस्त कैडर के ग्रेड पे दिए जावे। गैस राहत विभाग आदि सभी कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
8.. समस्त केडरो के ग्रेड पे संशोधित किया जाबे।
9.. मैडिकल कॉलेज अंतर्गत चिकित्सकों की भांति स्वशासी में कार्यरत कर्मचारियों को सातवे वेतनमान का लाभ 2018 के स्थान पर 2016 से दिया जाबे।
10.. विभागीय विसंगति शीघ्र दूर करे।

Comments
Post a Comment