दतिया आदिवासी बस्ती में जगी नशामुक्ति की अलख।

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

दतिया आदिवासी बस्ती में जगी नशामुक्ति की अलख, ग्रामीणों ने लिया स्वस्थ और सुरक्षित जीवन का संकल्प" 

आदिवासी बस्ती में पहुंची नशा मुक्ति टीम, ग्रामीणों को दिलाई नशामुक्त जीवन की शपथ। 


प्रचार प्रसार के द्वारान झाड़ी में बैठी भागे महिला कंजर 
दतिया। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने एवं "नशा मुक्त भारत" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित नशा मुक्ति सप्ताह के अंतर्गत जिला नशा मुक्ति टीम ने ग्राम चिरुला पंचायत की आदिवासी बस्ती में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं आदिवासी परिवारों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को नशा मुक्ति संकल्प शपथ दिलाई गई तथा जागरूकता पंपलेट एवं शपथ-पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मुख्य कलाकार विनोद मिश्र एवं जिला मास्टर ट्रेनर शैलेंद्र खरे ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर नशे से दूर रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विनोद मिश्रा ने सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए दिव्यांगजन हितग्राही योजनाओं, सहायता उपकरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराया, ताकि पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में आदिवासी बस्ती के बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चों की सहभागिता रही। जिला मास्टर ट्रेनर शैलेंद्र खरे ने कहा कि "नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाना है, ताकि प्रत्येक नागरिक स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त जीवन जी सके।" कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी समुदाय में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। कार्यक्रम स्थल के पास झाड़ी के बीच शराब बेंच रही महिला कंजर नशा मुक्ति अभियान के नारे सुन भाग गई। कार्यक्रम में लोक गायक सुकई केवट ने नशा मुक्ति के गीत गाए।

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