*दतिया डॉ. आलोक सोनी ने पत्रकार अब्दुल शरीफ का किया सम्मान, 257 वां डॉ. सीकर स्मृति कविता पर्व भव्यता से सम्पन्न*

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

*कविता पर्व है अनूठी साहित्यिक पाठशाला : अब्दुल शरीफ*

*डॉ. आलोक सोनी ने  पत्रकार अब्दुल शरीफ का किया सम्मान, 257 वां डॉ. सीकर स्मृति कविता पर्व भव्यता से सम्पन्न*

*दतिया।* डॉ. आलोक संस्थान (रजि.) के तत्वावधान में न्यू दतिया पब्लिक स्कूल परिसर में डॉ. सीकर की स्मृति में आयोजित 257 वें मासिक कविता पर्व का डबल प्लेटिनम गोल्डन जुबली समारोह बड़े ही भव्य रूप से आयोजित  हुआ। कविता पर्व के 21 वर्ष से निरन्तर चलने पर यह विशेष आयोजन किया गया । समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल शरीफ ने कहा कि "पत्रकारिता करते हुए आज उत्कृष्ट कवियों की कविताओं का रसास्वादन कर सुखद अनुभूति हुई। साहित्य मर्मज्ञ डॉ. आलोक सोनी की साहित्यिक निष्ठा के हजारों प्रशंसक हैं। वे कई कवियों के साहित्यिक जन्मदाता हैं। उनसे सम्मान पाना मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। कविता पर्व वाकई एक अनूठी साहित्यिक पाठशाला है।" कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष एवं कई अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड विजेता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. आलोक सोनी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि महेश त्रिपाठी 'अंजाना' उपस्थित रहे। कविता पर्व का सफल संचालन प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिकृष्ण 'हरि' ने किया। शुभारंभ तनुप्रताप सिंह गौर ने सरस्वती वंदना से किया। इस अवसर पर डॉ. आलोक सोनी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पत्रकार अब्दुल शरीफ को शॉल, श्रीफल, अंगवस्त्र एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया। कविता पर्व  में सुप्रसिद्ध कवि अक्षेष श्रीवास्तव ने - _"दिन हो चाहे रात, चैन से सो नहीं सकते, हम लड़के हैं साहब, खुलकर रो नहीं सकते"_ सुनाकर खूब वाहवाही बटोरीं। वरिष्ठ कवि महेश त्रिपाठी अंजाना ने _"भजन ही तेरे साथ है जाना, महिमा गा ले राम की"_ प्रस्तुत कर आनंदित कर दिया । डॉ. हरिकृष्ण हरि ने _"पिता कहत वसुदेव जी, और देवकी मात, कंस के कारण ले गए, गोकुल रातों रात"_ सुनाकर वाहवाही लूटी। कवि महेन्द्र कुशवाहा ने _"वो आ तो गए मिलने मगर, मुलाकात अभी ये अधूरी है"_ से भरपूर समा बांधा । कविता पर्व में बाल कवि नीतेश प्रजापति, तनुप्रताप सिंह गौर, बुंदेली कवि श्यामलाल प्रजापति, राजेन्द्र कुमार, बृजमोहन आचार्य, डॉ. एम.एल. स्वर्णकार, अशोक हरदेनिया सहित कई कवियों ने काव्य पाठ किया। विशिष्ट अतिथि महेश त्रिपाठी अंजाना ने कहा कि -- भारत गौरव डॉ. आलोक सोनी का कविता पर्व पूरे देश में चर्चित है। उनकी पुस्तक 'महान त्यागी भरत' एक उत्कृष्ट खंडकाव्य है। इस मंच से निकले कई कवि आज देश-विदेश में नाम कमा रहे हैं। कवितापर्व में पुष्पा प्रजापति, रामेश्वर वर्मा, देव प्रजापति, मंगल सिंह यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आभार सहदेव कुशवाहा ने व्यक्त किया।

Comments