मानवीय संवेदना की प्रेरक मिसाल बने दतिया टीआई धीरेंद्र कुमार मिश्रा।

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सूखानी

दतिया - कड़ाके की ठंड में जब आमजन सर्दी से बचने के लिए रजाइयों में सिमटे अपने घरों में दुबके रहते हैं, ऐसे समय में दतिया के टीआई श्री धीरेंद्र कुमार मिश्रा मानवीय संवेदनशीलता की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आए। ठिठुरती रातों में वे स्वयं सड़कों पर निकलकर गरीब, असहाय और बेसहारा लोगों के लिए गर्म कपड़े, कंबल एवं भोजन की व्यवस्था करते नजर आए। ज्ञात हो कि पूर्व में भी टी आई मिश्रा ने कई बार ऐसे बेसहारा दीन हीनों की मदद की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक प्रवासी बलबीर यादव को पैसों के अभाव में उचित इलाज एवं उनके रहने की व्यवस्था कर यथोचित मदद कर चर्चा में आए थे। श्री मिश्रा जी का यह प्रयास असहाय बेसहारा लोगों के लिए संबल बना। उनके द्वारा किये गये इस कार्य से उन गरीब बेसहारा लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।

टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि किसी असहाय या बीमार व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे छोड़ देना मानवता के मूल्यों के विरुद्ध है। यह केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों को समय रहते उपचार, सुरक्षा और सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाए। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने सेवा को अपना दायित्व मानते हुए जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाई।

उन्होंने आगे कहा कि जिन दीन-हीन व्यक्तियों का इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है, उनकी सेवा करना हम सबका नैतिक कर्तव्य है। ठंड के मौसम में उन्हें गर्म कपड़े उपलब्ध कराना, बीमार होने पर इलाज की व्यवस्था करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना ही सच्ची मानवता है, जिससे उनका जीवन आगे सम्मान और सुरक्षा के साथ व्यतीत हो सके।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे कार्य वही लोग कर पाते हैं, जिनके संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों में सेवा, करुणा और मानवता गहराई से समाहित होती है। टीआई धीरेंद्र मिश्रा का यह सराहनीय प्रयास न केवल असहाय लोगों के लिए संबल बना, बल्कि समाज के समक्ष भी सेवा और संवेदनशीलता का एक सकारात्मक संदेश छोड़ गया है।

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