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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
पैथोलॉजी विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, दतिया की फैकल्टी एवं स्नातकोत्तर छात्र–छात्राओं ने राज्य स्तरीय इंडियन एकेडमी ऑफ़ पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (IAPM) की 16वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस, जबलपुर, में सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता कर उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन किया।
कॉन्फ्रेंस के दौरान चिकित्सा अधीक्षक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अर्जुन सिंह ने “चिकित्सा शिक्षा में गेमीफिकेशन: सिद्धांत एवं अनुप्रयोग” विषय पर अपने व्याख्यान के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को इस विषय की नवीन अवधारणाओं एवं उपयोगिता से अवगत कराया, जिसे विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।
विभाग के स्नातकोत्तर छात्र डॉ. नेहा किरार, डॉ. इंशा इफ़्तिख़ार, डॉ. अनुनिता सक्सेना एवं डॉ. रवि शाक्य ने शोध वाचन तथा पोस्टर प्रस्तुति के माध्यम से अकादमिक सहभागिता की। इनमें से डॉ. इंशा इफ़्तिख़ार द्वारा प्रस्तुत “घातक परिवर्तन के साथ परिपक्व सिस्टिक टेराटोमा का एक दुर्लभ मामला” विषयक पोस्टर को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ, जो विभाग के लिए गौरव का विषय है।
विकृति विभाग की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. दीपक सिंह मरावी ने हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान कीं एवं यह आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी विभाग द्वारा शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करते हुए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर संस्था की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ किया जाएगा।
इस उपलब्धि पर विभाग के अन्य वरिष्ठ एवं कनिष्ठ चिकित्सकों डॉ. आनंद भदकारिया (प्रोफेसर), डॉ. मीनू बाकना (एसोसिएट प्रोफेसर), डॉ. निधि राय(असिस्टेंट प्रोफेसर), डॉ. वंदना पहाड़िया(असिस्टेंट प्रोफेसर), डॉ. आदितियन उदयशंकर ( सीनियर रेसिडेंट), डॉ. आशा बघेल( सीनियर रेसिडेंट), डॉ. विपिन कुमार परिहार( सीनियर रेसिडेंट), डॉ. विनिता राय (पीजी रेसिडेंट ) सहित महाविद्यालय के समस्त चिकित्सा शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
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