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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
साहित्य संस्कृति का संगम है कविता पर्व -- एसडीओपी आंकाक्षा
डॉ.आलोक सोनी ने आंकाक्षा जैन तथा शकूर का किया सम्मान
डॉ.आलोक संस्थान का 249वाॅं डॉ.सीकर स्मृति कविता पर्व सम्पन्न
दतिया / साहित्य की अविरल धारा बहा रहा है कविता पर्व । राष्ट्रवादी , धार्मिक , समाज के विभिन्न दृष्टिकोणों पर रचे गये गीत , गजल , शेरों शायरी ने मन आनंदित कर दिया । अंर्तराष्ट्रीय शिक्षाविद डॉ.आलोक सोनी से सम्मान पाकर गौरवान्वित हूं । साहित्य संस्कृति का संगम है कविता पर्व - उक्त विचार डॉ. आलोक संस्थान के तत्वावधान में न्यू दतिया पब्लिक स्कूल के परिसर में डबल डायमंड जुबली समारोह के वाद डॉ. सीकर की स्मृति में आयोजित 249 वें मासिक कविता पर्व में मुख्य अतिथि की आसंदी से दतिया की एसडीओपी श्रीमती आंकाक्षा जैन ने व्यक्त किए । अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष , अनेक इंटरनेशनल अवॉर्ड विनर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. आलोक सोनी ने की । विशिष्ट अतिथि के रूप में मुस्लिम मंलग मदारी शकूर बाबा उपस्थित थे । कविता पर्व का सफल संचालन प्रसिद्ध शायर ईमाम डॉ.माशूक अली ने किया । सुन्दर स्वर लहरी में सुघर सिंह रावत ने सरस्वती वंदना से कविता पर्व की शुरुआत की । मलंग मदारी शकूर बाबा ने कहा - श्रेष्ठ हजरातों की जमात ने बेहतरीन शेरों शायरी सुनाई । बाबा का सम्मान करके दिल खुश कर दिया । श्रेष्ठ कवि पूरनचंद शर्मा ने नववर्ष पर शुभकामनाएं देते हुए कहा - नये वर्ष में नवमंगल के गीत सुनाने आया हूं । इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष डॉ. आलोक सोनी , संध्या सोनी , ने एसडीओपी श्रीमती आंकाक्षा जैन एवं मंलग मदारी शकूर बाबा का शाॅल, अंगपट्टिका उड़ाकर , श्रीफल भेंट करके , फूलमाला पहनाकर सम्मान किया । कवियत्री मंजू खरे ने कहा - पृष्ठ दर पृष्ठ पलटती जा रही है जिन्दगीं , सार्थक रचना सुनाई । सुप्रसिद्ध कवि अमर सिंह दिनकर ने कहा -- नया वर्ष है बड़ा हर्ष है देय मुबारकबाद , बहुत सराही गई , बुन्देली कवि सुन्दर लाल श्रीवास्तव ने कहा - न छेड़ो मोहन डगरिया , मैं बेटी रसखान । हेड कांस्टेबल कवि सुघर सिंह रावत ने कविता पाठ करते हुए कहा - देशभक्ति भर दे जनजन , जिससे देश में जान रहे । श्याम लाल प्रजापति , दिनेश श्रीवास्तव ने अच्छी रचना सुनाई । बाल कवियत्री तनुष्का बुंदेला ने कहा - सीमा पर एक जवान शहीद हो गया । देशभक्ति रंग में रंग गई । कवि ब्रज मोहन झा ने बेहतरीन रचना सुनाई । जीतेन्द्र गौतम ने रचना सुनाते हुए कहा -- नव वर्ष में यहा में नया गीत गाऊंगा , सराही गई । बाल कवियत्री निवेदिता बुन्देला ने सुन्दर रचना पाठ किया । हास्य आशूकवि अरूण सिद्ध ने आशू कविताएं सुनाकर सभी को लोटपोट कर दिया । बी पी सेन ने कहा -- कैसी ठंड गजब की आई । इस अवसर पर श्यामलाल प्रजापति , शंशाक प्रजापति , राघवेन्द्र सिंह बुंदेला, पूजा कुशवाहा ने अतिथियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया । आभार रिटायर्ड एएसआई रवि तिवारी ने व्यक्त किया ।
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