KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया शहर की सबसे बड़ी होली दतिया की होली किसी जमाने में दतिया महाराज आते थे होलीपुरा की होली जलाने के लिए होलीपुरा की होली से ले जाते थे अग्नि इसके बाद दतिया शहर की सभी होलियां जलाई जाती थी होली जलने के दूसरे दिन बाद सभी लोगों के यहां होली मनाया जाती थी सभी एक दूसरे को गले लगाकर मिठाई खिलाकर गले सिक्बे भुलाकर सभी लोग होली मनाते थे बुजुर्गों को तिलक लगाकर माता बहनों को पैर छु कर होली का त्यौहार मनाते थे परमा के दिन बुआ का खाने का निमंत्रण किया जाता था भाई दूज के दिन बहन अपने भाइयों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाकर होली का त्यौहार मनाया जाता था होली रंगों का त्यौहार खुशियों खुशियों के साथ छोटे-छोटे बच्चे पानी गुलाल व रगो के द्वारा यह त्यौहार मनाते है इस बार होली दहन का कार्यक्रम सुबह 4:50 पर शुभ मुहूर्त है हैप्पी होली
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