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संपादक साहिल खान
पत्रकार अपना आचरण सुधारें ताकि सम्मान वापिस लौट सकें: शलभ भदौरिया
पत्रकार सम्मेलन में दीं गई बलात्कार जैसी खबरों से बचने की नसीहत_
इंदौर आगर मालवा।* मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन बुधवार को आगर मालवा में सम्पन्न हुआ। शहर के मधुबन गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के पत्रकार साथी शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता आगर जिला इकाई के अध्यक्ष अजय झंझी ने की। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिला इकाई एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्प हार पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मंच पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीमती विजयलक्ष्मी तवर, पूर्व विधायक लालजीराम मालवीय, शासन एवं समन्वय समिति के राजेंद्र पुरोहित, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र राठौर, उज्जैन संभागीय अध्यक्ष मनोज जैन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ गोविंद सोलंकी, अशोक गुर्रज, पूर्व प्रदेश सचिव हाजी नजीर अहमद, छतरपुर संभागीय इकाई के महासचिव प्रतीक खरे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह भाचाखेड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे। कई वरिष्ठ पत्रकार और तहसील स्तर के संवाददाता भी कार्यक्रम में पहुंचे।
उज्जैन संभाग के अध्यक्ष मनोज जैन ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए संगठन द्वारा पत्रकार हितों में किए जा रहे कार्यों का ब्योरा रखा। उन्होंने कहा कि संघ ने पिछले एक साल में दर्जनों पत्रकारों के उत्पीड़न के मामलों में हस्तक्षेप किया है और प्रशासन से कार्रवाई करवाई है। छोटे कस्बों के पत्रकारों को अधिमान्यता दिलाने से लेकर बीमा तक के मुद्दे संगठन उठा रहा है। कार्यक्रम में राजेंद्र राठौर, राजेंद्र पुरोहित और प्रतीक खरे ने भी अपने विचार रखे। प्रतीक खरे ने कहा कि आज ग्रामीण पत्रकार सबसे ज्यादा चुनौतियों का सामना कर रहा है। संसाधन नहीं हैं, सुरक्षा नहीं है, लेकिन फिर भी जनता को पत्रकारों से उम्मीद है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने तल्ख लहजे में पत्रकारों को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को बिना भेदभाव और दलगत भावना से ऊपर उठकर समाज हित में काम करने की जरूरत है। पहले लोग पत्रकारों को सम्मान से अपने पास बिठाते थे और पारिवारिक चर्चाएं भी करते थे। पत्रकार को समाज का मार्गदर्शक माना जाता था। आज हालत यह है कि पत्रकार कहीं पहुंच जाए तो लोग विषय बदल देते हैं या बात टाल देते हैं। इसका कारण हमारा आचरण है। हमें अपने आचरण से पुराना सम्मान लौटाने की जरूरत है।
भदौरिया ने मीडिया की वर्तमान प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारों को बलात्कार जैसी घटनाओं के प्रकाशन से परहेज करने की जरूरत है। हर खबर को मिर्च मसाला लगाकर परोसने से समाज का भला नहीं होता। ऐसी निगेटिव खबरों को पढ़ने के बाद बुजुर्गों और बच्चों के मन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। घर का माहौल खराब होता है। पत्रकार का काम समाज को दिशा देना है, सनसनी फैलाना नहीं। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर गर्व है कि देश में आज भी देशद्रोह के आरोप में एक भी पत्रकार जेल में नहीं है । इसका मतलब है कि पत्रकार मूल रूप से राष्ट्रभक्त होता है। बस दिशा भटकने से बचाना है।
उन्होंने संगठन की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि संगठन में शक्ति होती है। हमारे आपके बीच में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं पर मनभेद नहीं होना चाहिए। एक पत्रकार पर हमला पूरे समाज पर हमला है। इसलिए जब भी किसी साथी पर संकट आए तो पूरा संगठन एक होकर खड़ा हो।
पूर्व विधायक लालजीराम मालवीय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे पहले टेंपो चलाते थे, बाद में विधायक बने। विधायक बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले पत्रकारों, गुरुजनों और साहित्यकारों का सम्मान किया। क्योंकि शासन की सारी योजनाएं जनता के बीच सबसे पहले यही पहुंचाते हैं। अगर पत्रकार न हो तो सरकार और जनता के बीच की कड़ी टूट जाएगी। कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीमती विजयलक्ष्मी तंवर ने कहा कि जनता का आज भी पत्रकारों पर अटूट विश्वास है। जनता जब थाने, कचहरी, नेताओं के चक्कर काटकर हार जाती है तब आखिर में पत्रकार के पास पहुंचती है। पत्रकार उसकी आखिरी उम्मीद होता है। ऐसे में पत्रकार की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। कई वरिष्ठ पत्रकारों को उनके वर्षों की सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया गया। सफल आयोजन के लिए जिला महासचिव राजेश राव ने सभी आगंतुक पत्रकारों, अतिथियों और सहयोगियों का आभार प्रकट किया। उज्जैन जिला इकाई अध्यक्ष डा राहुल कटारिया, उज्जैन शहर महासचिव आनंद पांचाल सहित आगर जिले के पत्रकार भी शामिल हुए।
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