*असफलता से भागना अपने आप में असफलता है, स्वीकार करना ही सफलता है : दतिया कलेक्टर *

खबर आपतक न्यूज़ इंडिया
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी


दतिया। कलेक्टर  स्वप्निल वानखड़े ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क सिविल सेवा एवं प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग केंद्र पहुंचकर अभ्यर्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों से चर्चा की और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कलेक्टर  वानखड़े ने विद्यार्थियों से गणित से संबंधित सवाल पूछे तथा उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “असफलता से भागना अपने आप में एक असफलता है, जबकि असफलता को स्वीकार करना अपने आप में एक सफलता है।” उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए असफलताओं से सीखना और निरंतर आगे बढ़ते रहना आवश्यक है।
कलेक्टर ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों को मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही समय का बेहतर प्रबंधन करने, नियमित रूप से प्रश्नों का अभ्यास करने तथा अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की सलाह दी।

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