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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
बाल विवाह के विरुद्ध ब्राह्मण समाज की महिलाएं ली शपथ
बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है इसे सभी मिलकर करे समाप्त- आकांक्षा रावत
दतिया। अन्तर्राष्ट्रीय जिझौतिया ब्राह्मण महासंघ महिला इकाई दतिया वार्षिक बैठक का आयोजन श्रीमती माधवी पुरोहित के निवास पर किया गया जिसकी अध्यक्षता महिला इकाई की जिला अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा रावत ने की जबकि विशेष अतिथि के रूप में श्रीमती विद्या पुरोहित उपस्थित रहे इस अवसर पर वार्षिक कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई इस अवसर पर समाज की महिलाओं द्वारा बाल विवाह के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें समाज की महिलाओं को शपथ दिलाई गई कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह के दुष्परिणामों से अन्तर्राष्ट्रीय जिझौतिया ब्राह्मण महासंघ महिला इकाई जिला अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा रावत ने अवगत कराया और महिलाओं को शपथ दिलाई इसी क्रम में विशेष अतिथि श्रीमती विद्या पुरोहित ने कहा कि कम उम्र में विवाह न केवल कानूनी अपराध है,बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार का भी हनन करता है।
आयोजित कार्यक्रम में अन्तर्राष्ट्रीय जिझौतिया ब्राह्मण महासंघ की केंद्रीय संयोजिका श्रीमती रजनी अडजरिया ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम में शिक्षक,अभिभावक और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने ब्राह्मण समाज की महिलाओं से अपील की वे अपने अधिकारों को समझें और यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर सूचना दें। इस अवसर पर श्रीमती संध्या त्रिपाठी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि क़ानून के अंतर्गत निर्धारित आयु विवाह के लिए लड़की की 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इससे कम उम्र में किया गया विवाह शबाल विवाह की श्रेणी में आता है। इस अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित/काजी और इसमें शामिल अन्य वयस्कों को 2 साल तक के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता इस अवसर पर मंजू शर्मा माधवी शर्मा पुरोहित ममता पुरोहित गायत्री देवी अर्चना तिवारी आदि महिलाओं उपस्थित रहे

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