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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने पटवारी संघ के शक्ति प्रदर्शन की हवा निकालते हुए सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को बसई क्षेत्र में लापरवाही के आरोप में एक पटवारी के निलंबन के विरोध में बड़ी संख्या में पटवारी नई कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस दौरान पटवारियों की भीड़ और शोरगुल को देखकर कलेक्टर वानखेड़े ने इसे दबाव बनाने की राजनीति करार देते हुए नाराजगी जाहिर की। दरअसल, बसई के पटवारी शैलेन्द्र शर्मा के विरुद्ध शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने स्वयं जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की थी। इसी कार्रवाई के विरोध और कुछ अन्य समस्याओं को लेकर पटवारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में पटवारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। पटवारियों की आवाज और भीड़ को देखते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े बैठक छोड़कर बाहर आए और मौके पर ही कड़ी प्रतिक्रिया दी। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनसे मिलने के लिए दो-तीन लोग भी आ सकते थे, इतनी बड़ी संख्या में आने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस तरह बड़ी भीड़ के साथ आना राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है, जिसे प्रशासन स्वीकार नहीं करेगा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि इतनी अधिक संख्या में पटवारियों के कलेक्ट्रेट आने से उनके नियमित कार्य भी प्रभावित होते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। कलेक्टर वानखेड़े ने पटवारियों को आगे से स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में यदि कोई समस्या हो तो केवल दो या तीन प्रतिनिधि ही उनसे मिलने आएं। उन्होंने यह भी कहा कि गलती किसी से भी हो सकती है, चाहे वह कलेक्टर हो, एडीएम हो या कोई अन्य अधिकारी। यदि किसी को लगता है कि उसके साथ अन्याय हुआ है तो वह शालीनता से आकर अपनी बात रख सकता है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कलेक्टर का सख्त और अनुशासित रुख साफ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि कलेक्टर के साथ मौजूद एडीएम महेंद्र सिंह ने भी भविष्य में इस तरह की भीड़ आने पर कार्रवाई के संकेत दिए, हालांकि उनकी यह बात किसी मोबाइल में रिकॉर्ड नहीं हो सकी।

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