नेकी करना सबसे बड़ी इबादत है” – रक्तदान से बचाई गई एक जीवन।

नेकी करना सबसे बड़ी इबादत है” – रक्तदान से बचाई गई एक जीवन
दतिया जिला चिकित्सालय में डॉक्टर की अपील पर हारिश खान ने बुलाए सगे‑सम्बंधी, पाँच रक्तदाताओं ने दिया रक्त

 दतिया जिला चिकित्सालय में शनिवार को एक मरीज की जान बचाने के लिए रक्त की तत्काल आवश्यकता पड़ी। डॉक्टर की अपील पर स्थानीय युवक हारिश खान ने तुरंत अपने सगे‑सम्बंधियों को बुलाया और रक्तदान के लिए अस्पताल पहुँचा। इस दौरान शकील खान, सलीम खान, प्रकाश कुशवाह, फरदीन खान और जुनैद खान ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।हॉस्पिटल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीज को रक्त की अत्यधिक कमी का सामना करना पड़ रहा था। डॉक्टर ने कहा, “इसे बचाने के लिए तुरंत रक्त की आवश्यकता है।” यह सुनते ही हारिश खान ने बिना देर किए अपने परिवार और परिचितों को फोन किया। कुछ ही घंटों में पाँच रक्तदाता अस्पताल पहुँचे और अपना रक्त दान किया।हारिश खान ने कहा, “नेकी करना सबसे बड़ी इबादत है। जब भी किसी को हमारी मदद की जरूरत होगी, मैं हमेशा आगे रहूँगा।”शकील खान ने कहा, “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं। आज हमने एक जीवन बचाया, यह हमारे लिए गर्व की बात है।
सलीम खान ने कहा, “हम सब साथ हैं, यही हमारी ताकत है।”प्रकाश कुशवाह ने कहा, “रक्तदान से हम दूसरों की मुस्कुराहट में अपना हिस्सा जोड़ते हैं।”फरदीन खान ने कहा, “यह एक छोटा कदम है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत बड़ा है।”जुनैद खान ने कहा, “हमारा खून किसी की धड़कन बन गया, यही सबसे बड़ी खुशी है।”हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. ने कहा, “समय पर मिले रक्त से मरीज की स्थिति में तुरंत सुधार हुआ। हम सभी रक्तदाताओं के प्रति आभारी हैं।”दतिया में रक्तदान के महत्व को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। हर साल लगभग 2,000 यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, जिसमें से 30 % से अधिक स्थानीय दानदाताओं से प्राप्त होता है।
शनिवार का यह घटनाक्रम यह साबित करता है कि “नेकी करना सबसे बड़ी इबादत है” और रक्तदान इस नेकी का सबसे उज्ज्वल उदाहरण है। हारिश खान और उनके साथियों की इस पहल ने न केवल एक जीवन बचाया, बल्कि समाज में मानवता की भावना को भी मजबूत किया।

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