सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ़ में धूमधाम से किया गया दीक्षांत समारोह ।

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

*सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ़ में धूमधाम से किया गया दीक्षांत समारोह का आयोजन*
सुनहरे भविष्य का आशीर्वाद ले विदा हुए विद्यार्थी

सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ़ के सभा कक्ष में कक्षा बारहवीं के सभी छात्रों का दीक्षांत समारोह कक्षा ग्यारहवीं के छात्र छात्राओं के द्वारा आयोजित किया गया। इस दौरान कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। वहीं अतिथियों ने भविष्य में आने वाली चुनौतियों के संबंध में उनका मार्गदर्शन भी किया। कार्यक्रम की शुरूआत मंचासीन अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं सरस्वती वंदना के साथ की गई । अतिथियों का परिचय एवं कार्यक्रम की भूमिका  प्राचार्य/प्रबंधक (केशव बाल विकास समिति) श्री मनोज जी गुप्ता द्वारा रखी गई । अतिथियों का स्वागत भैया एकांश श्रीवास्तव एवं कृष्णा उपाध्याय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अमोघ श्रीवास्तव (A.D.O जनपद पंचायत करैरा) एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती मंजू श्रीवास्तव ( उपाध्यक्ष केशव बाल विकास समिति), श्री कपिल तांबे (प्राचार्य बुंदेला नगर)श्री मनोज जी गुप्ता(केशव बाल विकास समिति प्रबंधक ) श्री पंचम सिंह जी कौरव (अध्यक्ष केशव बाल विकास समिति) एवं समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं आचार्य परिवार की उपस्थिति में संपन्ना हुआ। अनुभव कथन भैया जीतांश वध्या एवं बहन कर्णिका गुप्ता द्वारा प्राप्त हुआ। सभी विद्यार्थियों ने विद्यालय की  शिक्षा, संस्कार को सर्वोपरि सिद्ध किया। उन्होंने विद्यालय में सभी संकाय के विषयों के शिक्षक व शिक्षिकाओं द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के लिए उनका आभार प्रकट किया। इसके पश्चात विद्यालय की दीदी श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव द्वारा व्यक्तिगत गीत की प्रस्तुति दी गई एवं विद्यालय के संगीत आचार्य श्री विनोद जी पुरोहित साथ ही विद्यालय की बहनों द्वारा एक प्रेरणात्मक गीत प्रस्तुत किया गया । इसके पश्चात मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री अमोघ श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि अपने कार्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित रहना चाहिए एवं जीवन में सबसे ज्यादा कठिन क्या है ? जीवन में सरल बनना सबसे ज्यादा कठिन है जो व्यक्ति जीवन में सरल होता है उसे जीवन में कभी कोई परेशानी नहीं आती और उन्होंने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यहां बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सच्ची लगन से परिश्रम करके हम अपने लक्ष्‌य को प्राप्त कर सकते हैं।   विद्यालय के प्राचार्य/प्रबंधक श्री मनोज जी गुप्ता ने कम समय में उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं की सराहना की। वहीं बारहवीं के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को कभी भी हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मन में आत्मविश्वास की भावना हो और निश्चयपूर्वक लक्ष्‌य केंद्रित कर परिश्रम किया जाए तो कोई भी लक्ष्‌य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का संदेश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को जब तक लक्ष्‌य प्राप्त न हो निरंतर परिश्रम करते रहना चाहिए कि प्रेरणा दी। अंत में एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री पंचम सिंह जी कौरव ने शिशु मंदिर की सराहना करते हुए कहा कि यहां की शिक्षा पूर्णतः संस्कार पर आधारित है जिसके कारण यहां पढ़ने वाला विद्यार्थी संस्कारवान की श्रेणी में आते हैं उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी जीवन की शुभ कामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य कामना की । कार्यक्रम का संचालन बहन अनुराधा पटवा एवं निशि पाठक के द्वारा किया गया। अंत में कार्यक्रम का समापन श्री राम गोपाल जी शर्मा द्वारा समस्त मंचासीन अतिथियों का आभार व्यक्त करके किया गया।

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