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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
राम हमारे आराध्य हैं - बृजेन्द्र सिंह परमार
राम वन गये , तो बन गये -- डॉ.आलोक सोनी
राम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ पर गायत्री परिवार ने की संगोष्ठी
दतिया / 550 वर्षों के निरन्तर संघर्ष के बाद अयोध्या में रामलला का भव्य ओर दिव्य मंदिर की स्थापना होना , हम भारतीयों को आल्हादित करता है , राम हमारे आराध्य हैं - उक्त विचार गायत्री परिवार इकाई दतिया ( रजि.) के तत्वाधान में , गायत्री प्रेरणा स्थली दतिया के परिसर में , अयोध्या में विराजे रामलला की द्वितीय वर्षगांठ पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्यअतिथि की आसंदी से समाजसेवी बृजेन्द्र सिंह परमार ने व्यक्त किए । अध्यक्षता शासकीय के.आर.जी . कालेज ग्वालियर के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ.रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने की । संगोष्ठी में सारस्वत अतिथि के रूप में साहित्यकार रामभरोसे मिश्रा उपस्थित थे । संगोष्ठी का उत्कृष्ट ओर सफल संचालन गायत्री परिवार के प्रमुख हरिहर समाधिया ने किया । गायत्री वन्दना वी पी सेन तथा सरस्वती वंदना हरिकृष्ण हरि ने प्रस्तुत की । संगोष्ठी के आयोजक एड.शेलेन्द्र यादव ने स्वागत भाषण दिया । संगोष्ठी में डॉ.आलोक सोनी ने संक्षिप्त बीज वक्तव्य देते हुए कहा -- राम हमारे प्राण हैं , राम हमारी ताकत है , राम ने आसुरी शक्तियों का अपनी विनम्रता तथा शक्ति बल से सफाया कर दिया । राम वन गये तो बन गये ,रावण ने वन में हरण किया तो मिट गये । इस अवसर पर मनीराम शर्मा , डॉ.राज गोस्वामी , बृजमोहन झा , बीपी सेन , कमलकांत शर्मा , सुन्दर लाल श्रीवास्तव , अमरसिंह दिनकर , रामहजुर दांगी , मैथलीशरण मिश्रा , अनिल भार्गव , रामभरोसे मिश्रा , डॉ.रामेश्वर प्रसाद गुप्ता , शैलेन्द्र बुधोलिया ने भगवान राम के ऊपर उत्कृष्ट विचारों की प्रस्तुति देकर सभी को आनंदित कर दिया। कार्यक्रम आयोजक कमलकांत शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।


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