जिले में आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से हुई एक दुखद मृत्यु के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने दिया जांच के आदेश।
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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी, रामलाल गौतम
दतिया जिले में आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से हुई एक दुखद मृत्यु के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने प्रकरण की समग्र जांच हेतु 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को घटना की परिस्थितियों, कारणों, उपचार व्यवस्था, रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता/प्रबंधन तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपायों की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 08 फरवरी 2026 को दतिया निवासी एक युवक की मृत्यु हुई। मृतक को जिला चिकित्सालय दतिया में रेबीज वैक्सीन की खुराकें 13 जनवरी, 16 जनवरी एवं 20 जनवरी 2026 को लगाई गई थीं। घटना को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने जांच के साथ-साथ जिम्मेदारी निर्धारण की प्रक्रिया भी प्रारंभ की है।
जांच समिति में शामिल अधिकारी
श्री लोकेन्द्र सिंह सरस, संयुक्त कलेक्टर, जिला दतिया
डॉ. डी.के. सोनी, जिला टीकाकरण अधिकारी, दतिया
डॉ. अविनाश गुप्ता, अतिरिक्त उप संचालक, पशुपालन विभाग, दतिया
डॉ. आई.के. दोहरे, मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भाण्डेर
श्री मनोज गुप्ता, जिला महामारी विशेषज्ञ, सी.एम.एच.ओ. कार्यालय, दतिया। समिति का मुख्य कार्य घटना की संपूर्ण परिस्थितियों का परीक्षण,
रेबीज वैक्सीन/टीकाकरण प्रक्रिया की जांच,
पीड़ित को उपलब्ध कराई गई चिकित्सकीय सहायता की समीक्षा,नगर निकाय/संबंधित विभागों द्वारा आवारा पशु नियंत्रण उपायों का परीक्षण,किसी भी स्तर पर लापरवाही/उत्तरदायित्व का निर्धारण शामिल है।
कलेक्टर ने समिति को निर्देशित किया है कि जांच प्रतिवेदन 7 दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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