*दतिया ब्रेकिंग। दतिया का रण : भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, 'स्थानीय बनाम बाहरी' का मुद्दा बना चुनाव का सबसे बड़ा दांव।
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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव अब पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट को जीतने के लिए अपनी पूरी संगठनात्मक और राजनीतिक ताकत मैदान में उतार दी है। पिछले कई दिनों से प्रदेश और केंद्र के वरिष्ठ नेता लगातार दतिया पहुंचकर चुनावी सभाएं, रोड शो और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। भाजपा का लक्ष्य हर वर्ग के मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करना है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दतिया पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने मतदाताओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि भाजपा के चुनाव चिन्ह का बटन दबाना उनके दिल का बटन दबाने जैसा होगा। इसके बाद शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चुनावी सभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की और विकास के मुद्दे को प्रमुखता से रखा। रविवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने बसई क्षेत्र में सभा कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व लगातार यह संदेश देने में जुटा है कि डबल इंजन की सरकार के माध्यम से दतिया के विकास को नई गति मिलेगी।
हालांकि चुनावी मैदान में भाजपा को एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का भी सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष लगातार भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को लेकर "स्थानीय बनाम बाहरी" का मुद्दा उठा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह अपनी सभाओं में दावा कर रहे हैं कि भाजपा प्रत्याशी लंबे समय से दतिया से दूर रहे हैं और स्थानीय जनता से उनका सीधा जुड़ाव नहीं है। आज़ाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव भी इसी मुद्दे को अपने प्रचार का हिस्सा बना रहे हैं। ओर बाहरी एवं आशुतोष तिवारी को नही जानते का नारा स्वंय टिकिट होने के चलते भाजपा कार्यकर्ताओ एवं नेताओ ने दिया था। जो धीरे धीरे बड़ा होता चला गया। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी जनसभाओं और नुक्कड़ सभाओं में स्वयं को भांडेर क्षेत्र का निवासी बताते हुए मतदाताओं से "अपने बेटे" के रूप में समर्थन और आशीर्वाद मांग रहे हैं। भाजपा संगठन भी इस धारणा को मजबूत करने में जुटा है कि प्रत्याशी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।
जातीय समीकरण भी इस उपचुनाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार ब्राह्मण, कुशवाहा, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। इन्हें साधने के लिए भाजपा ने सांसद भारत सिंह कुशवाहा, मंत्री दिलीप अहिरवार, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान और प्रहलाद पटेल, पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा सहित कई वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में उतारा है। अब 30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले परिणाम तय करेंगे कि भाजपा का व्यापक प्रचार अभियान और विपक्ष का "स्थानीय बनाम बाहरी" का मुद्दा—दोनों में से किस पर दतिया की जनता अपनी अंतिम मुहर लगाती है।
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