दतिया जीवन में आनंद का पर्याय है कविता पर्व -- स्वामी कमलेश्वरानंद

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

दतिया जीवन में आनंद का पर्याय है  कविता पर्व -- स्वामी कमलेश्वरानंद

डॉ.आलोक ने स्वामी कमलेश्वरानंद , बादाम सिंह , रामजी , जितेन्द्र सिंह का किया सम्मान 

  256 वां डॉ.सीकर स्मृति कविता पर्व भव्यता के साथ सम्पन्न                      
                                                                        दतिया /  साधु जीवन में उत्कृष्ट कवियों का कविता पाठ सुनकर आनंद आ गया , उत्कृष्ट साहित्यक अनुष्ठान है कविता पर्व ।  साहित्य , संस्कृति ,  कला मर्मज्ञ डॉ.आलोक आज कई कवियों के प्रेरणास्रोत्र हैं  , उनसे सम्मान पाकर मुझे आत्मिक सुखद अनुभूति हो रही है , जीवन में आनंद का पर्याय है  कविता पर्व । -   उक्त विचार डॉ. आलोक संस्थान के तत्वावधान में  न्यू दतिया पब्लिक स्कूल के परिसर में , डॉ. सीकर की  स्मृति में आयोजित 256 वें मासिक  कविता पर्व  के 21वर्ष पूर्ण होने के बाद आयोजित  डबल प्लेटिनम , गोल्डन जुबली  समारोह  में मुख्य अतिथि की आसंदी से देश  के चर्चित संत , सहस्त्र महादेव धाम , आनंदपुर के स्वामी कमलेश्वरानंद सरस्वती महाराज  ने व्यक्त किए  । अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष , अनेक इंटरनेशनल अवॉर्ड विनर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. आलोक सोनी ने की । विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के प्रसिद्ध कर्मचारी नेता रहे बादाम सिंह यादव , तथा प्रसिद्ध आंचलिक कवि रामजीशरण आचार्य ( भाण्डेर )  उपस्थित थे ।  कविता पर्व का सफल संचालन प्रसिद्ध कवि मंगल सिंह परमार ने किया  । सुन्दर स्वर लहरी में सुन्दर लाल श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना से कविता पर्व की  शुरुआत की । इस अवसर पर डॉ.आलोक सोनी ने उत्कृष्ट सेवा कार्यों से प्रभावित होकर स्वामी कमलेश्वरानंद सरस्वती , बादाम सिंह , रामजी , भाण्डेर के वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र सिंह कौरव  का सम्मान  किया ।   सुप्रसिद्ध कवि मनीराम शर्मा ने  कहा - घनन घनन घन मेघा बरसे , सावन त्योहार आयो ,तो वही पं.पूरन चंद्र शर्मा ने कहा - बदल गया है आज जमाना , बटवारा हो गया आंगन में । बुन्देली कवि हरि कृष्ण हरि ने बेहतरीन कविता पाठ किया । महेश त्रिपाठी  ने कहा - न सम्मान चाहिये , न अभिमान चाहिये । डाॅ.राजेन्द्र सिंह खेंगर ने कहा --  भारत माॅं हमको वर देना । भरपूर सराही गई । प्रसिद्ध कवि अमरसिंह दिनकर ने कहा - नारद जी तपस्या करे , तो इंद्र का इंद्रासन डोले । विशिष्ट अतिथि बादाम सिंह यादव ने कहा -- भारत के गौरव डाॅ. आलोक सोनी का कविता पर्व में आना हमारे लिये गर्व की बात है , कविता पर्व में निरन्तर आकर अनेक  कवि देश विदेश में स्थापित हो गये हैं ।   प्रसिद्ध साहित्यकार हरिहर शर्मा ने कहा -  डाॅ.आलोक की समाज , साहित्य के प्रति अटूट निष्ठा , उनके कार्यो , उनकी वेश्विक उपलब्धियों का मैं बहुत बड़ा प्रंशसक हूं  ।  साहित्य अकादमी पुरूस्कार प्राप्त पं.कमलकांत शर्मा ने कहा - डाॅ.आलोक हमेशा से साहित्यकारों का सम्मान बढ़ाते आ रहे हैं । उनके समाज उपयोगी सार्थक कार्य , उनकी उपलब्धियां हम सभी को प्रेरित करती हैं । सुन्दर लाल श्रीवास्तव ने कहा -- काटत न काटे दिनचार । भरपूर सराही गई । साहित्य अकादमी पुरूस्कार प्राप्त डाॅ.राज गोस्वामी ने कहा -- कविता पर्व तथा डाॅ.आलोक सोनी एक दूसरे के पर्याय है , इनके सानिध्य में कई कवियों ने देश विदेश में परचम फहराया । विशिष्ट अतिथि रामजीशरण आर्चाय ने डाॅ.आलोक सोनी , स्वामी कमलेश्वरानंद सरस्वती , बादामसिंह के व्यक्तित्व कृतित्व को रेखांकित करते हुए कहा-- ऐसे धन्य पिता और माई ,आलोक को रास्ता नेक धराई - सभी के ऊपर बेहतरीन रचना पाठ किया । उन्होंने कहा--  कि मेरे जीवन का यह अनमोल क्षण है कि जब मैं इतनी महत्वपूर्ण और महान साहित्यिक विभूतियों के बीच अपना रचना पाठ कर पा रहा हूं । आज मैं सम्मान पाकर अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रहा हूं । राजेन्द्र शुक्ला , बृजमोहन झा ,अशोक उचारिया ,  डाॅ.एच एम उज्जैनिया  ने बेहतरीन कविता पाठ किया । कविता पर्व में पुलिस विभाग से सेवानिवृत हुये वेकुंठ नारायण सिरोठिया का भी सम्मान किया गया । इस अवसर पर भाण्डेर के वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र सिंह कौरव , दोलत सिंह यादव , आर्दश दिनकर  उपस्थित थे । आभार श्यामलाल प्रजापति ने व्यक्त किया ।

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