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दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और पैगंबर साहब की शिक्षाओं को याद करते हुए आपसी भाईचारे, प्रेम, सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया। जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। जुलूस में शामिल लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी इंसानियत को प्रेम, शांति, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का रास्ता दिखाया। समाजजनों ने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं में पड़ोसी के हक को भी विशेष महत्व दिया गया है। पड़ोसी किसी भी धर्म या समुदाय का हो, उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना और जरूरत के समय उसकी मदद करना इंसानियत का तकाजा है। यही संदेश समाज में आपसी सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करता है। जुलूस के दौरान लोगों ने शहर में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ की। समाजजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी का संदेश सिर्फ एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेम और सद्भाव का संदेश है। जुलूस में मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन, युवा और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में व्यवस्थाएं संभाली गईं और जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा।
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और पैगंबर साहब की शिक्षाओं को याद करते हुए आपसी भाईचारे, प्रेम, सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया। जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। जुलूस में शामिल लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी इंसानियत को प्रेम, शांति, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का रास्ता दिखाया। समाजजनों ने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं में पड़ोसी के हक को भी विशेष महत्व दिया गया है। पड़ोसी किसी भी धर्म या समुदाय का हो, उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना और जरूरत के समय उसकी मदद करना इंसानियत का तकाजा है। यही संदेश समाज में आपसी सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करता है। जुलूस के दौरान लोगों ने शहर में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ की। समाजजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी का संदेश सिर्फ एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेम और सद्भाव का संदेश है। जुलूस में मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन, युवा और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में व्यवस्थाएं संभाली गईं और जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा।

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