दतिया विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित

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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

दतिया विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित

दतिया 25 अगस्त 2026 / विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी-राम-जी) के अंतर्गत जिला पंचायत दतिया में आज मंगलवार को जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक सेवढ़ा श्री प्रदीप अग्रवाल, करैरा विधायक श्री रमेश खटीक, दतिया विधायक श्री घश्याम सिंह, अपर कलेक्टर एवं प्रभारी सीईओ जिला पंचायत श्री भूपेन्द्र सिंह कुशवाह, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारीगण उपस्थित रहे। 
सम्मेलन में जिले की ग्राम पंचायतों के पंचों एवं जनप्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों, उद्देश्यों और ग्राम पंचायतों की भूमिका के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ पंचायतों को विकास कार्यों की बेहतर योजना एवं क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाना रहा।
विधायक सेवढ़ा श्री प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण विकास और रोजगार के क्षेत्र में वीबी-जी-राम-जी योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दिए जाने का प्रावधान है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा तथा उन्हें रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर पलायन करने की आवश्यकता कम होगी।
सम्मेलन में बताया कि योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों का चयन ग्राम पंचायत एवं ग्रामसभा की सहभागिता से किया जाएगा। जल संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़े कार्य, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सम्मेलन में पंचों एवं जनप्रतिनिधियों को योजना के तहत समय पर मजदूरी भुगतान, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि वे अपने-अपने ग्रामों में ग्रामीणों को योजना की जानकारी दें तथा पात्र परिवारों को रोजगार के अवसरों का लाभ दिलाने में सहयोग करें।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि ग्राम पंचायतें केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे कार्यों का चयन करें जिनसे गांव की दीर्घकालिक जरूरतें पूरी हों। जल संरक्षण से जुड़े कार्यों से भूजल स्तर में सुधार, कृषि गतिविधियों को बढ़ावा तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार गांवों में आवश्यक अधोसंरचना के विकास से ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
पंच सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों ने योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की तथा ग्रामीण क्षेत्रों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी रखे। अधिकारियों ने पंचों से कहा कि वे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हुए योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सम्मेलन में बताया गया कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही विकास कार्यों के माध्यम से गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।
अपर कलेक्टर श्री कुशवाह ने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भागीदारी, ग्रामसभा की प्रभावी भूमिका और ग्रामीणों के सहयोग से योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सम्मेलन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को योजना के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता के साथ-साथ विकसित और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में आगे बढ़ना रहा।

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