खबर आपतक न्यूज़ इंडिया
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
सांकेतिक भाषा में मूक-बधिर विद्यार्थियों ने निकाली नशामुक्ति रैली
‘नशा नाश की जड़ है’ का दिया संदेश, समाज के स्वस्थ निर्माण में भागीदारी का किया आह्वान
दतिया। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के आयोजन के अवसर पर मूक-बधिर विद्यार्थियों ने अपनी अनूठी पहल से समाज को नशामुक्ति का प्रभावी संदेश दिया। आदि मूक-बधिर विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं सीडब्ल्यूएसएन आवासीय छात्र-छात्राओं ने स्वयं नशामुक्ति रैली निकालकर लोगों को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का संदेश दिया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से ‘नशा नाश की जड़ है—नशा न करें’, ‘नशामुक्त मध्यप्रदेश’ और ‘नशामुक्त दतिया’ जैसे संदेश लोगों तक पहुंचाए। विद्यार्थियों के सांकेतिक संदेशों को आमजन तक शब्दों के माध्यम से पहुंचाने का कार्य अमित गौतम ने किया।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, दतिया द्वारा नशामुक्ति अभियान की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मूक-बधिर विद्यार्थियों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद वे सामाजिक सरोकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं और समाज के स्वस्थ एवं नशामुक्त निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं।
रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह भी संदेश दिया कि सांकेतिक भाषा उनकी अभिव्यक्ति का माध्यम है, उनकी सामाजिक भागीदारी में कोई बाधा नहीं। उनकी जागरूकता और उत्साह ने आमजन का ध्यान नशे के दुष्परिणामों की ओर आकर्षित किया।
कार्यक्रम में मूक-बधिर विद्यालय से समित गौतम, सामाजिक न्याय विभाग के मास्टर ट्रेनर विनोद मिश्रा, अंबुज तिवारी, नरेंद्र दुबे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। रैली के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि धीरू दांगी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और रैली के आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
मूक-बधिर विद्यार्थियों द्वारा सांकेतिक भाषा में निकाली गई यह रैली न केवल नशामुक्ति के प्रति जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि इस बात का भी सशक्त संदेश बनी कि दिव्यांगजन भी सामाजिक बदलाव और जनजागरूकता के अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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