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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया। नवरात्रि महोत्सव शुरू होने से पहले ही शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ओर मां दुर्गा की स्थापना और स्वागत की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर और गंदगी की शिकायतों ने नगर की स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। हालात ऐसे नजर आ रहे हैं कि जिन रास्तों से होकर श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचेंगे, उन्हीं रास्तों पर सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है।
नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व से ठीक पहले सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। शहर में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियों के बीच गंदगी का दिखाई देना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
जब भक्तों को खुद उठानी पड़ी झाड़ू
शहर के कुछ स्थानों पर ऐसे दृश्य भी सामने आए, जहां श्रद्धालु स्वयं झाड़ू लगाकर साफ-सफाई करते नजर आए। मां की भक्ति और शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए भक्तों ने खुद मोर्चा संभाला। यह दृश्य जहां नागरिकों की जागरूकता और धार्मिक आस्था को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदारों के लिए भी एक सवाल छोड़ जाता है कि आखिर त्योहारों के समय शहर की सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?
विकास के दावों के बीच गंदगी पर सवाल
शहर की स्थिति को लेकर लोगों के बीच यह व्यंग्य भी चर्चा का विषय बन रहा है— “इतना विकास हुआ मेरे शहर में कि बाहरी सब लूट ले गए।” यह पंक्ति केवल एक तंज नहीं, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रही नाराजगी को भी बयां करती है। नागरिकों का सवाल है कि जब नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियां पहले से निर्धारित हैं, तो सफाई व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त क्यों नहीं किया गया?
प्रशासन के सामने चुनौती
11 अक्टूबर से मां दुर्गा की स्थापना और नवरात्रि महोत्सव की तैयारियों के बीच अब नगर पालिका और जिला प्रशासन के सामने शहर को स्वच्छ रखने की बड़ी चुनौती है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही, धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली भीड़ और प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई की आवश्यकता को देखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
अब देखना होगा कि नगर पालिका और जिला प्रशासन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच वैकल्पिक व्यवस्था कर शहर की सफाई सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। नवरात्रि में मां के स्वागत के लिए तैयार दतिया को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि पूरे शहर की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। हालांकि, त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सबसे बड़ी जवाबदेही संबंधित जिम्मेदार विभागों की ही होगी।

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