शिवपुरी राजनीतिक स्थिरता का युग भारत में प्रवेश कर चुका है”: सिंधिया*

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
संपादक साहिल खान
*डा.भूपेन्द्र विकल*


शिवपुरी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने   पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 को संबोधित कर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और उनसे देश की निस्वार्थ सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा आज भारत राजनीतिक स्थिरता के ऐसे युग में प्रवेश कर चुका है, जिसकी नींव सत्ता की नदियों से नहीं, बल्कि विचारधारा की तपस्या से सिंचित हुई है।
सिंधिया ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। यह शिविर कार्यकर्ताओं को यह समझाता है कि हम कहाँ से आए हैं, हमारी वैचारिक यात्रा क्या रही है और विकसित भारत 2047 के संकल्प में प्रत्येक सामान्य कार्यकर्ता की क्या भूमिका है। उन्होंने कहा कि अब विकसित भारत का सपना केवल कल्पना नहीं, बल्कि राष्ट्र का संकल्प बन चुका है और उसे साकार करने का समय आ गया है।

*“एक पैर रेल में, दूसरा जेल में, ऐसे संघर्ष से खड़ा हुआ संगठन”*
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने भाजपा के संघर्षकाल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब कहा जाता था कि भाजपा कार्यकर्ता “एक पैर रेल में और दूसरा जेल में” रखकर संघर्ष करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी का यह विशाल वटवृक्ष त्याग, समर्पण और वैचारिक साधना से खड़ा हुआ है।
सिंधिया ने बताया कि आज प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी नेतृत्व का प्रतिनिधि है। इसलिए कार्यकर्ता का आचरण, व्यवहार और सेवा भाव भी उसी स्तर का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास, सामाजिक कल्याण और अधोसंरचना निर्माण की जो शृंखला बनी है, वैसा देश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।

*गरीब कल्याण से बदला देश का स्वरूप*
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड काल से लेकर आज तक प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के माध्यम से 80 करोड़ लोगों तक राशन पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही “अंत्योदय” भाजपा की आत्मा और लक्ष्य है। 65 वर्षों में देश में केवल 3 करोड़ आवास बने थे, जबकि पिछले 12 वर्षों में 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं और 2029 तक 5 करोड़ और आवास बनाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं अपनी माता को चूल्हे के धुएँ में संघर्ष करते देखा था, इसलिए 10 करोड़ 60 लाख महिलाओं को धुएँ से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया। आयुष्मान भारत योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 65 वर्षों तक किसी सरकार ने गरीब के स्वास्थ्य की गारंटी नहीं सोची, लेकिन आज 65 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। 
उन्होंने शिवपुरी की जैकेट फैक्ट्री में कार्यरत महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में ये महिलाएँ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेंगी।

*JAM ट्रिनिटी और डिजिटल क्रांति का उल्लेख*
सिंधिया ने कहा कि जनधन खाते, आधार और मोबाइल फोन आधारित JAM ट्रिनिटी ने देश की व्यवस्था को बदल दिया। उन्होंने कहा कि पहले मोबाइल कॉल महंगी थी और डेटा आम आदमी की पहुँच से बाहर था, लेकिन आज डिजिटल क्रांति ने देश के सामान्य नागरिक को सशक्त बनाया है। आज इसी ट्रिनिटी के चलते योजनाओं का लाभ सीधा लाभार्थियों के खाते में पहुंचता है।

*“रुकना नहीं है, झुकना नहीं है”*
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर और अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कर देश के लंबे समय के सपनों को साकार किया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों, एयरपोर्ट और अधोसंरचना विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज विश्व पटल पर नई शक्ति के रूप में उभर रहा है।

अपने संबोधन के अंत में सिंधिया ने कहा कि विकसित भारत 2047 का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता और नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्यकर्ता को निरंतर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि एक-एक योद्धा ने संकल्प लिया है कि देश के प्रगति के लिए न रुकेंगे, न झुकेंगे।
सिंधिया के उद्वोधन के पूर्व में प्रदेश अध्यक्ष प्यारेलाल खंडेलवाल ने एक घंटे भाजपा के प्रशिक्षणार्थियों से विस्तार से संगठनात्मक विस्तार पर उद्वोधन दिया.

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