KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया मैं नेता हूं मैं स्टाफ से हूं मे बी आई पी अधिकारी हूं मेरी गाड़ी मंदिर तक जाना चाहिए ।
शनिवार को मां पीतांबरा पीठ पर दर्शन के लिए दिल्ली, भोपाल, कोलकाता, झांसी, ग्वालियर, मुरैना सहित और भी कई शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माई के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर तक सीधे वाहन ले जाने की होड़ और रसूख दिखाने की कोशिश ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर देती है।
पुलिस और ट्रैफिक विभाग के सामने शनिवार के दिन सबसे बड़ी चुनौती यही रहती है कि हर व्यक्ति खुद को “विशेष” बताकर मन्दिर तक वाहन ले जाना चाहता है। कई लोग नेता, अधिकारी या विभागीय पहचान का दबाव बनाते हैं, जिससे आम श्रद्धालुओं को परेशानी होती है और जाम की स्थिति बन जाती है।
यदि व्यवस्था संभालनी है तो प्रशासन को कुछ सख्त और समान नियम लागू करने होंगे—
मंदिर से पहले निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए जाएं।
वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रूट तय हों।
बिना अनुमति किसी भी वाहन को मंदिर के मुख्य द्वार तक प्रवेश न मिले।
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