*अनुशासन और सेवा का दूसरा नाम स्काउट माधवेन्द्र सिंह*

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

अनुशासन और सेवा का दूसरा नाम स्काउट  माधवेन्द्र सिंह
तीनों विकास खंडों का 7 दिवसीय स्काउट गाइड शिविर संपन्न, 

दतिया विगत दिवस जिला संघ स्काउट के तत्वाधान में आयोजित 7 दिवसीय प्राथमिक  स्काउट मास्टर शिविर का गरिमामय समापन हुआ। शिविरमें दतिया भांडेर सेवड़ा तीनों ब्लॉकों के शासकीय अशासकीय शिक्षक शिक्षिकाओं ने भाग लिया। समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड जिला संघ दतिया के अध्यक्ष कुंवर माधवेन्द्र सिंह परिहार रहे समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि माधवेंद्र सिंह ने कहा कि स्काउट केवल एक वर्दी नहीं बल्कि एक संस्कार है।  एक शिक्षक जब स्काउट मास्टर बनता है तो वह स्कूल में दोहरी भूमिका निभाता है। एक ज्ञान देने की दूसरी चरित्र निर्माण की।  आज समाज में शिक्षा के साथ संस्कार की ज्यादा जरूरत है और वह संस्कार स्काउट गाइड द्वारा हो रहे शिविरों से ही आती है  उन्होंने गाइड बहनों की सराहना करते हुए कहा कि जब एक महिला शिक्षक गाइड कैप्टन बनती है तो वह सैकड़ों बेटियों को। आत्मरक्षा और आत्मविश्वास का पाठ पढ़ाती है।
  स्काउट गाइड केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि जीवन जीने की पद्धति है। इसका मास्टर जब विद्यालय जाता है तो बच्चों को 
किताबी ज्ञान ही नहीं अनुशासन सेवा देशभक्ति का पाठ भी पढ़ाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक असल मायनों में शिल्पी होता है उस पर विद्यार्थी को तराशने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। यदि कोई व्यक्ति महान बनता है तो उसके पीछे शिक्षक का योगदान रहता है यदि कोई व्यक्ति दुष्ट और अपराधी बनता है तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष  रूप से उसमें उसकी शिक्षा और शिक्षक को भी कठघरे में खड़ा होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक शिक्षा अवश्य देनी चाहिए लेकिन ऐसी शिक्षा न दी जाए जो किसी को आहत करने वाली हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सभी धर्मों का सम्मान करने की भावना आनी चाहिए।
सबसे पहले शिक्षक खुद परिवर्तन लाकर उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने स्काउट गाइड का प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों से कहा कि आप विद्यालयों से ही पाउच। गुटका तंबाकू स्वीकार करेंगे तो कैसे बच्चों को नशे से मुक्त होने का संदेश दे पाएंगे हमें साक्षर शिक्षा के साथ सुशिक्षित व संस्कारवान बनाने की शिक्षा देनी चाहिए। शिक्षा का मतलब
यह नहीं कि किताबी शिक्षा ही दी जाए। शिक्षा तो वह है कि धर्म ज्ञान अध्यात्म सद्विचार सद्प्रेरणा सत्कर्मों व अपने कर्तव्यों का बोध कराएं संस्कारवान व अनुशासित शिक्षा देने वाले ही देश के रक्षक होते हैं। उन्होंने सम्बोधित करते हुए कहा के आने वाले समय में संघ द्वारा शत % स्कूलों में गाइड स्काउट यूनिट को सक्रिय करना है। 7 दिनों तक चली प्रशिक्षण में स्काउट गाइड का इतिहास प्रतिज्ञा ध्वज शिष्टाचार। टोली पद्धति विभिन्न प्रकार की गांठें प्राथमिक उपचार टेंट लगाना आपदा प्रबंधन। जैसे विषयों का सैद्धान्तिक हुआ प्रयोगिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र शील्ड वितरित की गई कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रशिक्षणार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रमभी आयोजित किए।
समापन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रीमती लक्ष्मी राय शिविर संचालक  
 श्री अतिबल सिंह शिविर संचालक स्काउट मास्टर जयराम पटवा सहायक संचालक एवं जिला सचिव स्काउट ज्योति गुप्ता सीतल अंब। रंजना रावत संजू लता तिवारी  कृष्णा सोनी चरण सिंह हिंडोलिया राकेश जिगनिंया अंकित विश्वकर्मा कैम्प फायर संचालक श्री रजनीश जी सक्सेना संतोष जी परिहार और
सैकड़ों स्काउट गाइड उपस्थित रहे।

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