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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
*पंडागिरी रोकने पीठ प्रवंधन-प्रशासन सख्त :* पीतांबरा पीठ और वनखंडेश्वर महादेव को लेकर आदेश जारी, खुले में साधना पर पूर्ण प्रतिबंध,निर्धारित स्थल पर साधना तय
दतिया। दतिया में धार्मिक स्थल पीतांबरा पीठ मंदिर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और अव्यवस्थाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से एसडीएम संतोष तिवारी ने अहम आदेश जारी किए हैं। वनखंडेश्वर महादेव मंदिर को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर परिसर में अब कोई भी व्यक्ति बैठकर साधना नहीं करेगा। आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मंदिर परिसर में बैठकर साधना करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर में शांति, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है। आदेश जारी करने से पहले संबंधित पक्षों के साथ बैठक लेकर आवश्यक हिदायतें भी दी गई थीं। वहीं दूसरी ओर दतिया के प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ परिसर में भी खुले में बैठकर साधना (जप) करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पीठ प्रबंधन ने साधकों और पंडितों के लिए दो निर्धारित स्थल तय किए हैं—मणिपुर धाम और नव निर्मित स्वामी साधना केन्द्र। अब केवल इन्हीं स्थानों पर बैठकर साधना करने की अनुमति होगी। इस संबंध में परिसर में सूचना चस्पा कर दी गई है तथा निगरानी के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है। पीठ प्रबंधन का उद्देश्य परिसर में बढ़ती पंडागिरी और दलाली पर प्रभावी रोक लगाना है। बीते समय में दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। लाल-पीले वस्त्र धारण कर कई अनाधिकृत लोग साधना का दिखावा कर श्रद्धालुओं को भ्रमित करते थे। समिति द्वारा पहले ऐसे लोगों को परिसर से बाहर किया गया, इसके बाद यह सख्त निर्णय लिया गया।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि केवल पीठ से मंत्र दीक्षा प्राप्त साधक ही निर्धारित स्थलों पर साधना कर सकेंगे और उन्हें पहचान के लिए अपनी मंत्र पुस्तिका साथ रखना अनिवार्य होगा। समिति नियमों के पालन पर लगातार निगरानी रखेगी, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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