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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया पं. श्री नारायण लाल भट्ट स्मृति अखिल भारतीय संगीत समारोह में गूंजी,
"बनारसी कजरी सजनी छाई घटा घनघोर "
दतिया। बनारस घराने के उत्तराधिकारी कलाकार डा ऋषि मिश्रा ने अपनी अंतिम प्रस्तुति वनारस घराने की कजरी ज्यों ही प्रस्तुत की तब आसमान से मेघ की बूंदे गिरने लगी दर्शकों ने मंच छोड़कर आसमान की ओर निहारा। समय था सुप्रसिद्ध संगीतकार पं. श्री नारायण लाल भट्ट जी की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय संगीत समारोह । जिसका आयोजन गत दिवस 31 मई को श्री अवध बिहारी मंदिर के प्रांगण में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। डॉ ऋषि मिश्रा प्रमुख रूप से इस आयोजन के आकर्षित व्यक्तित्व के रूप में आमंत्रित थे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की अपनी घराना की शानदार प्रस्तुतियां की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती जी एवं श्री नारायण लाल भट्ट जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। सरस्वती वंदना कु आकांक्षा भोड़ेले, श्री बीपी सेन ,श्री सूरज ने प्रस्तुत की तत पश्चात भारतीय संस्कृति की अतिथि देवो भवः परंपरा के अनुरूप अतिथियों के सत्कार एवं सम्मान के साथ किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि सेवढ़ा विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल का माल्यार्पण कर स्वागत श्री संजय भट्ट ,डॉ हर्ष भट्ट द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री पंकज शुक्ला का माल्यार्पण कर स्वागत समिति सचिव श्री राजीव शुक्ला ने किया। समिति सदस्यों में श्रीमती रश्मि कटारे, श्रीमती प्रतिमा भट्ट , श्री नीरज गुगोरिया,श्री तरुण भट्ट ,श्री अवधेश ओझा ,श्री विक्रम बुंदेला ,श्री सुमित चौबे,श्री रामकुमार भट्ट,और श्री विजय शंकर भट्ट ने भी अतिथियों का स्वागत किया
कला साहित्य साधकों को मिला सम्मान
सम्मान समारोह के क्रम में सर्वप्रथम दतिया के सुप्रसिद्ध तबला वादक श्री हितेश मिश्र को “पंडित नारायण लाल भट्ट रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। सम्मान पत्र का वाचन श्री ऋषिराज मिश्रा द्वारा किया गया।
इसके पश्चात बनारस से पधारे विख्यात शास्त्रीय गायक डॉ. ऋषि मिश्रा का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। उनके सम्मान पत्र का वाचन कार्यक्रम संयोजक श्री विनोद मिश्र ने किया।
समारोह में साहित्य, संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. राज नारायण बौहरे को “नारायण लाल भट्ट साहित्य मणि सम्मान” प्रदान किया गया। सम्मान पत्र का वचन श्री शैलेंद्र भदोलिया ने किया यह सम्मान मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि दतिया सांस्कृति पहलवानी और साहित्य की नगरी हैं जहां पंडित नारायण लाल भट्ट जैसे मूर्धन्य विद्वानों ने अपना साधना से कला को संरक्षित किया हैं अध्यक्ष श्री पंकज शुक्ल ने दतिया की संगीत परम्परा पर प्रभावी विचार रखे। इस अवसर पर दतिया स्टेट का वर्तमान उत्तराधिकारी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दर्शकों ने लिया बनारसी गायिकी का आनंद
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कार्यक्रम की शुरुआत श्री विराज तोमर दतिया के कथक नृत्य की प्रस्तुति से हुई ।डॉ ऋषि मिश्र ने बड़े ख्याल से एकताल में निबद्ध की उसके बाद छोटा ख्याल, चेती, ठुमरी, कजरी और अंत में अपना लोकप्रिय भजन जननी मैं न जीयु बिन राम गाया कजरी ठुमरी पर जहां श्रोता झूम उठे तो वही भजन में भावविभोर हो गए।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन पं. श्री नारायण लाल भट्ट स्मृति आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश लिटोरिया ने किया। समारोह में उपस्थित संगीत प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया तथा पं. नारायण लाल भट्ट जी के संगीत योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
अंत में आयोजन समितिसे संजय भट्ट ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित संगीत रसिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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