दतिया 13 दिन की बच्ची जिंदगी से जंग लड़ रही:

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

दतिया 13 दिन की बच्ची जिंदगी से जंग लड़ रही: दतिया जिला अस्पताल में परिजन 5 दिन से नहीं आए देखने, जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में
 जन्म के बाद से भर्ती। जिला अस्पताल का स्टाफ कर रहा देखभाल।

दतिया जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एक नन्ही सी जिंदगी सांसों की लड़ाई लड़ रही है। वह अभी सिर्फ 13 दिन की है। मशीनों की आवाज और ऑक्सीजन के सहारे वह जिंदगी से जूझ रही है, लेकिन उसके अपने पिछले पांच दिनों से उसे देखने तक नहीं आए।

निजी अस्पताल में उसकी मां संध्या पत्नी आशीष ने दतिया के एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के समय बच्ची का वजन कम था। इतना कम की तुरंत एसएनसीयू में भर्ती कराना पड़ा।

4 मार्च को परिजन बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराने पहुंचे। उन्होंने रजिस्टर में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और गायब हो गए। इसके बाद से वह मासूम अस्पताल के वार्ड में अकेली है।
4 मार्च को परिजन बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराने पहुंचे। उन्होंने रजिस्टर में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और गायब हो गए। इसके बाद से वह मासूम अस्पताल के वार्ड में अकेली है। न पिता आशीष वापस लौटे, न ही कोई और परिजन उसे देखने आया। वार्ड में मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ही अब उसकी दुनिया बन गए हैं। वही उसे दवा दे रहे हैं, उसकी सांसों पर नजर रख रहे हैं और उसके ठीक होने की दुआ भी कर रहे हैं।


मासूम फिलहाल ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने कई बार पिता और परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन तक नहीं उठाए गए। आखिरकार अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।

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