KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन अटका, आर्थिक तंगी से जूझ रहे गरीब परिवार।
*कर्मचारियों ने लगाई जिला श्रम-पदाधिकारी दतिया से गुहार*
*श्रम पदाधिकारी की चेतावनी बेअसर: पत्र के 3 दिन गुजर जाने के बाद भी ठेका कंपनी ने नहीं किया भुगतान*
दतिया। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज दतिया में अपनी सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों (सफाईकर्मी और सुरक्षाकर्मी) का वेतन पिछले दो महीने से अटका हुआ है। अल्प वेतन भोगी इन कर्मचारियों के सामने अब रोजी-रोटी का भारी संकट खड़ा हो गया है। परेशान होकर कर्मचारियों ने जिला श्रम पदाधिकारी के दरबार में न्याय की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम विभाग ने ठेका कंपनी को 3 दिन के भीतर भुगतान का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कंपनी की मनमानी के चलते यह समय सीमा बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों के खातों में पैसे नहीं पहुंचे हैं।
*एक साल से चल रहा है वेतन रोकने का खेल*
आउटसोर्स कर्मचारी संघ दतिया के जिलाध्यक्ष श्री ब्रजेश समाधिया ने जिला श्रम पदाधिकारी को शिकायत करते हुए बताया था कि 'एजाइल सिक्योरिटी फोर्स प्रा. लि.' द्वारा जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में तैनात सफाई कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों का पिछले दो माह का वेतन और एरियर रोक लिया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि ठेका कंपनी द्वारा पिछले एक साल से लगातार एक माह का वेतन रोककर ही भुगतान किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है।
*अधिकारियों के फोन को भी किया अनसुना*
कर्मचारियों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कार्यालय श्रम पदाधिकारी, जिला दतिया ने 6 मार्च को एजाइल सिक्योरिटी फोर्स के प्रबंधक को एक सख्त पत्र जारी किया था। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि इससे पहले भी कंपनी को दूरभाष (टेलीफोन) के माध्यम से पूरा वेतन देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने विभागीय निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए कोई भुगतान नहीं किया।
*अब कार्रवाई का इंतज़ार*
श्रम पदाधिकारी ने कंपनी को 3 दिवस के भीतर लंबित वेतन का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया था। इसकी प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), दतिया मेडिकल कॉलेज को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई थी।
किंतु विडंबना यह है कि श्रम पदाधिकारी के इस पत्र के जारी होने के बाद अब तीन दिन से ज्यादा का समय गुजर चुका है, फिर भी ठेका कंपनी ने अब तक वेतन का भुगतान नहीं किया है। बिना पगार के दिन-रात काम कर रहे ये कर्मचारी भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस बेलगाम ठेका कंपनी के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाता है।
Comments
Post a Comment