KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी
दतिया का खतरनाक अतिक्रमण मध्य प्रदेश का दतिया नगर अतिक्रमणकारियों के लिए स्वर्ग है।
यहां अतिक्रमण करने की कोई रोक-टोक नहीं क्योंकि प्रशासन यहां सिर्फ नाटकवाजी करता है और कुछ नहीं करता। पुराने महल के पीछे लाला के तालाब के बांध पर हुए अतिक्रमण जनजीवन के लिए खतरा बन गए है यदि इन्हें रोका नहीं गया तो आने वाली बरसात लोगों के जीवन के लिए खतरा हैं।
लाला के तालाब के निर्माण के समय अतिरिक्त पानी के निकासी के लिए बाँध के दोनों ओर दो बड़े-बड़े नाले बने हुए थे जिन पर एक ओर मुसलमानों ने पानी के निकासी को बंद कर मस्जिद और दुकाने बना लीं तो दूसरी ओर हिन्दुओं ने नाले को बंद कर इमारतें और दुकानें बना लीं। पिछली बरसात में पानी की निकासी न होने के कारण तालाब का पानी बाँध के ऊपर से बहने लगा फलस्वरूप बाँध की पिछली दीवाल पूरी तरह टूट गई और वहां गहरी खाई हो गई। प्रशासन ने अतिक्रमण हटा कर नालों को तो नहीं खोला किन्तु पानी निकलने के लिए अलग से सड़क खोद कर नया नाला बनाने का प्रयास किया लेकिन वो तालाब का पानी निकालने में सफल नहीं हो पाये। प्रशासन ने एक काम अवश्य किया कि लगभग आधा किलोमीटर लम्बी गहरी खाई के किनारे लोहे के बेरिकेट्स जरूर लगवा दिए ताकि आने-जाने वाले वाहन खाई में गिर न जाएँ। प्रशासन से आग्रह है कि प्रशासन अतिकमण हटा कर बाँध के दोनों ओर बने नालों को खोल दे ताकि बाँध के टूटने से होने वाली जनहानि से बचा जा सके इसके आलावा तालाब में डूबा प्राचीन ऐतिहासिक अंजनी माता का मंदिर, छक्का बक्का तथा अन्य स्मारक पानी के बाहर आ जाएँ ।
Comments
Post a Comment