रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में 'आधुनिक जीनोमिक्स' पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन।

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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव 
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी 

 रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, दतिया में 'आधुनिक जीनोमिक्स' पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन। 

दतिया रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मात्स्यिकी महाविद्यालय, दतिया में आज आधुनिक जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स विश्लेषण में कार्यप्रवाह विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। आई.सी.ए.आर. -राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो द्वारा वित्त पोषित इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आधुनिक विज्ञान की बारीकियों से रूबरू कराना था। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों और अलग-अलग प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पांच दिनों तक चले इस सत्र में प्रतिभागियों को जीनोमिक्स के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोधों और डेटा विश्लेषण की जटिल प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला। मात्स्यिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा:"आज का युग 'डेटा' और 'सटीक विज्ञान' का है। जीनोमिक्स और मल्टी-ओमिक्स जैसी तकनीकें न केवल मत्स्य पालन, बल्कि कृषि के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आपको उन कौशलों से लैस करना है जो आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर शोध की दिशा तय करेंगे। मुझे खुशी है कि देशभर के छात्रों ने यहाँ से जो ज्ञान अर्जित किया है, वे उसे अपने संबंधित संस्थानों में नवाचार के लिए उपयोग करेंगे।" प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।विभिन्न राज्यों से आए छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे इस कार्यशाला ने उन्हें अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और विश्लेषण टूल को समझने में मदद की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में प्रशिक्षण समन्वयक श्री पार्थ सारथी त्रिपाठी तथा ​सह-समन्वयक डॉ. अनुज त्यागी और डॉ. नीलेश कुमार की भूमिका सराहनीय रही। इस अवसर पर मंच का संचालन श्री गणेश कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, वैज्ञानिक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि दतिया स्थित यह महाविद्यालय मत्स्य विज्ञान और आधुनिक शोध के क्षेत्र में एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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