दतिया सरस्वती विद्या मदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ दतिया में चल रहे आचार्य अभ्यास वर्ग(05 जून से 09 जून तक) का हुआ समापन,

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दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी


दतिया : विद्याभारती मध्यभारत प्रांत की योजनानुसार  दतिया नगर के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों का संयुक्त  पाँच दिवसीय आचार्य अभ्यास वर्ग का आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ दतिया में  किया जा रहा था जिसमें सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ, सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुंदेला नगर, सरस्वती शिशु मंदिर मुडियन का कुआँ, सरस्वती शिशु मंदिर उन्नाव रोड एवं डॉ.अंबेडकर सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य दीदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भैया/बहिनों में शिक्षण करने हेतु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे l 
आचार्य अभ्यास वर्ग के अन्तिम दिवस पर समापन सत्र में कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ सरस्वती वंदना से किया गया l  मंचस्थ अतिथियों का परिचय श्री कपिल जी तांबे ( प्राचार्य भरतगढ़ दतिया ) द्वारा  कराया गया , अतिथि स्वागत श्री अरुण श्रीवास्तव श्रीमती पूजा खरे एवं श्रीमती सीमा शर्मा द्वारा श्रीफल भेंट कर एवं अंग वस्त्र प्रदान कर किया।  कार्यक्रम  में मुख्यवक्ता के रूप में श्री केदार सिंह जी गुर्जर ( जिला सरसंघचालक, पूर्व शासकीय प्राचार्य ), श्री अनिल जी तिवारी (पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी), श्री ऋषि जी पांडे (प्रधानाचार्य मुडियन का कुआं)  मंच पर उपस्थित रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अनिल जी तिवारी ने की । श्री दीपक सक्सेना द्वारा एक विज्ञान प्रयोग प्रस्तुत किया गया तथा प्रश्नोत्तरी में प्रथम स्थान श्रीमती आभा रायकवार को प्राप्त हुआ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री अनिल जी तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह बहुत ही कठिन समय है और चुनौतियां भी बहुत है इन चुनौतियों का सामना देशभर कर रहा है हम स्वतंत्र हैं हमारा संविधान है हमारी सरकार है लेकिन फिर भी हमें विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है ऐसा नहीं है हर युग में चुनौती रहती है लेकिन उसका स्वरूप अलग होता है वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती भ्रष्टाचार है जो की हमारे समक्ष बहुत ही खतरनाक रूप में है जो देश विश्व गुरु बनने जा रहा है वह भ्रष्टाचार स्वीकार कर ले तो क्या हो आज वर्तमान में भ्रष्टाचार के कारण ही कई समस्याएं जन्म ले रही हैं और हमारे देश को जहां जल्दी से जल्दी पहुंचना था वहां नहीं पहुंच पाया क्योंकि भ्रष्टाचार ने देश को एक दीमक की तरह खा लिया है और दूसरी सबसे बड़ी समस्या है संस्कारहीन हमारी नई पीढ़ी अगर हम आज कई बड़े पदों पर पहुंच गए लेकिन अपने देश के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया और इस देश की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया और हमारा संस्कार पक्ष कमजोर रह गया तो हम सभी किन्हीं भी बड़े पदों पर पहुंच कर भी अपनी जरूर जिम्मेदारियां का निर्वहन नहीं कर पाएंगे आज सरस्वती विद्या मंदिर के अभ्यास वर्ग में यह सिखाया जाता है कि हम अपने भैया बहनों को सर्वप्रथम संस्कारों को सिखाएं क्योंकि संस्कार की जरूरत हर जगह पड़ती है। इसके पश्चात अमृत वचन श्री संजीव तिवारी एवं व्यक्तिगत गीत मंजू गुप्ता के द्वारा प्रस्तुत किया गया। श्री केदार सिंह जी गुर्जर द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया शिक्षा के विषय एक त्रिकोण बनता है और इसके केंद्र में होता है छात्र तथा छात्र के प्रश्न करने का ढंग उत्तर देने का तरीका आचार्य को आना चाहिए इस प्रकार से छात्रों  को पढ़ना और समाधान बहुत बड़ी चुनौती होती है जीवन में हमेशा उन चुनौतियों को सोचना चाहिए जिन्हें हम सुधार सकते हैं । प्राचार्य श्री कपिल जी तांबे द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा की आचार्य अभ्यास वर्ग प्रतिवर्ष चलने वाली परंपरा है तथा इसी क्रम में आचार्य अभ्यास वर्ग का 05 तारीख से 09 तारीख तक आयोजन किया गया इस अभ्यास वर्ग में विद्या भारती के अनेक विषयों को जो कक्षा कक्ष में पढ़ना है उनका अभ्यास कर सके नई ऊर्जा के साथ कक्षा कक्षों में जा सके और छात्रों की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जा सके क्योंकि सम्मान हमेशा योग्यता से होता है निरंतर अभ्यास करने से योग्यता आती है तथा हमारी शिक्षण में कितनी नवीनता है कि नहीं इसके लिए जिला के समस्त विद्यालयों को शामिल किया गया तथा नव चयनित आचार्य दीदीयों को भी इस अभ्यास वर्ग में शामिल किया गया इस अभ्यास वर्ग में 115 संख्या रही विभाग से विभाग समन्वयक श्री रामकुमार जी व्यास एवं प्रांतीय सह सचिव श्री महेंद्र जी रघुवंशी जी के मार्गदर्शन साथ-साथ केशव बाल विकास समिति के समस्त पदाधिकारीगणों का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ । इस अभ्यास वर्ग के प्रथम सत्र में  योग एवं व्यायाम अगले सत्र में शिशु मंदिर के किसी भी विषय पर संवाद तथा आईसीटी के माध्यम से विभिन्न शैक्षिक ऐप को समझना एवं उनका अभ्यास करवाना । इस आचार्य अभ्यास वर्ग में हमने क्या-क्या सीखा और हमें और क्या सीखना है इसका आत्म अवलोकन करना चाहिए और निरंतर अध्ययन करते रहना चाहिए। इसके साथ-साथ इस आचार्य अभ्यास वर्ग में श्री संतोष जी दुबे(प्रधानाचार्य बुंदेला नगर) श्री सुनील जी श्रीवास्तव (प्रधानाचार्य अंबेडकर नगर), श्रीमती आकांक्षा तिवारी (प्रधानाचार्य बालाजी नगर) उपस्थित रहे एवं आचार्य अभ्यास वर्ग के समापन पर श्रीमती संध्या कुशवाहा दीदी द्वारा संचालन किया गया ।

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