नशा मुक्त दतिया अभियान को मिली नई ताकत, 150 से अधिक नशा मुक्ति मित्रों को मिला विशेष प्रशिक्षण।

KHABAR AAPTAK NEWS INDIA
दतिया ब्यूरो दीपक श्रीवास्तव
रिपोर्टर चेतन दास सुखानी

नशा मुक्त दतिया अभियान को मिली नई ताकत, 150 से अधिक नशा मुक्ति मित्रों को मिला विशेष प्रशिक्षण।


दतिया।जिला स्तरीय वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्र निभाएंगे नशा मुक्त दतिया के निर्माण में अहम भूमिका
                         – कलेक्टर
दतिया। "नशे के खिलाफ दतिया में तैयार हुई 150 से अधिक प्रशिक्षित वालंटियर्स की टीम, जिले भर के गांव-गांव चलाएगी जागरूकता अभियान"
नशे के खिलाफ जनआंदोलन बनाने का संकल्प, गांव-गांव और वार्ड-वार्ड पहुंचेगा जागरूकता अभियान

दतिया। नशा मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा दतिया जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्यप्रदेश के सहयोग से वाल्मी संस्था भोपाल द्वारा संचालित जिला स्तरीय मास्टर वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्र प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया।  कार्यशाला की शुरूवात वंदे मातरम राष्‍ट्रीय गीत से की गई।   कार्यशाला में जिलेभर से आए 150 से अधिक स्वयंसेवकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नशा मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। 

कार्यक्रम में कलेक्टर के संदेश का वाचन करते हुए बताया गया कि जिला स्तरीय वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्र नशा मुक्त दतिया अभियान की रीढ़ साबित होंगे। इनके माध्यम से गांव-गांव, वार्ड-वार्ड, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं समुदायों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल एवं संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सिंह सरल द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

राज्य स्तरीय समन्वयक एवं प्रशिक्षक डॉ. अतुल कुमार रायजादा ने कहा कि अधिकांश युवा गलत संगति के कारण नशे की गिरफ्त में आते हैं तथा नशे की शुरुआत प्रायः मित्र मंडली से होती है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार एवं समाज को प्रभावित करता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को नशा मुक्त भारत अभियान का सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में डॉ. अर्जित गौरव, मनोरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय दतिया एवं डॉ शुभम ओझा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट तथा डॉ प्रजापति आयुष्मा अधिकारी ने विभिन्न प्रकार के नशों, उनके मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों तथा उपचार एवं पुनर्वास की प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर एक सत्र में समर्पण नशा मुक्ति केन्द्र के अध्यक्ष संजय भार्गव ने कहा कि जागरूकता ही नशे के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार है। वहीं सुदीप तिवारी, अध्यक्ष बाल प्रगति शिक्षण संस्था एवं जिला स्तरीय समिति सदस्य, नशा मुक्त भारत अभियान ने अभियान की गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान हरनाम सिंह, नारायण सिंह कुशवाह एवं उनकी टीम ने गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रेरक संदेश दिया। तकनीकी सत्र में देवेश त्रिपाठी द्वारा ई-गवर्नेंस आधारित रिपोर्टिंग एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को समय पर उचित परामर्श, सकारात्मक वातावरण एवं सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सिंह सरल ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार एवं समाज तीनों के लिए विनाशकारी है और इसके विरुद्ध व्यापक जनजागरण अभियान चलाना समय की आवश्यकता है। नशा मुक्‍त की शपथ कार्यशाला के दौरान सभी उपस्थित प्रति‍भागिया द्वारा ली गई। 

शिक्षा विभाग से विकास शुक्‍ला एवं संजीव विश्‍वदेवा द्वारा स्‍कूल परिसर एवं उसकी 100 मीटर की परिधि से के बारे में विस्‍तार से बताया गया। कार्यशाला का संचालन विनोद मिश्र कला पथक प्रमुख ने किया 
डॉ. सुशील प्रजापति, आयुष अधिकारी ने योग एवं स्वस्थ जीवनशैली को नशा मुक्ति का प्रभावी माध्यम बताते हुए नशा मुक्ति हेल्पलाइन की जानकारी दी। अरविंद उपाध्याय ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना 1933 टोल फ्री हेल्पलाइन अथवा मानस पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है। कार्यशाला के दौरान नशा मुक्ति की शपथ ली गई।  

कार्यक्रम में विजय कुमार गुप्ता (वाल्मी, भोपाल), नरेन्द्र कुमार दुबे (जिला समग्र संयोजक एवं नोडल अधिकारी), विनोद मिश्रा, संजय निरंजन, मोहन गर्ग, कविश मिश्रा, आकाश शर्मा, परिवेश शर्मा, जसवंत वघेल, अमर सिंह, निधि गुप्ता, अर्पित गोस्वामी, आशाराम शंकवार, श्रीमती कीर्ति अडजरिया, देवेन्‍द्र उदैनिया, अनिल उदैनिया, पाठक मृत्‍स्‍य विभग, निर्मला लिटौरिया सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशेष रूप से स्‍काउड गाईड के बच्‍चे  उपस्थित रहे। श्रीमती की‍र्ति अडजरिया सामािजक सुरक्षा अधिकारी  एवं संजय निरंजन मुख्‍य लिपिक द्वारा अतिथियों का सम्‍मान किया गया।  इस अवसार पर हरनाम सिंग की पुस्तक ललित बुंदेली का विमोचन कलेक्टर दतिया ने किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी मास्टर वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्रों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उपस्थित प्रतिभागियों ने "नशा मुक्त दतिया – नशा मुक्त भारत" के निर्माण हेतु सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। अंत में जिला समग्र संयोजक नरेन्द्र कुमार दुबे द्वारा सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।नशा मुक्त दतिया अभियान को मिली नई ताकत, 150 से अधिक नशा मुक्ति मित्रों को मिला विशेष प्रशिक्षण।

दतिया।जिला स्तरीय वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्र निभाएंगे नशा मुक्त दतिया के निर्माण में अहम भूमिका
                         – कलेक्टर
दतिया। "नशे के खिलाफ दतिया में तैयार हुई 150 से अधिक प्रशिक्षित वालंटियर्स की टीम, जिले भर के गांव-गांव चलाएगी जागरूकता अभियान"
नशे के खिलाफ जनआंदोलन बनाने का संकल्प, गांव-गांव और वार्ड-वार्ड पहुंचेगा जागरूकता अभियान

दतिया। नशा मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा दतिया जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्यप्रदेश के सहयोग से वाल्मी संस्था भोपाल द्वारा संचालित जिला स्तरीय मास्टर वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्र प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। कार्यशाला की शुरूवात वंदे मातरम राष्‍ट्रीय गीत से की गई। कार्यशाला में जिलेभर से आए 150 से अधिक स्वयंसेवकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर नशा मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। 

कार्यक्रम में कलेक्टर के संदेश का वाचन करते हुए बताया गया कि जिला स्तरीय वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्र नशा मुक्त दतिया अभियान की रीढ़ साबित होंगे। इनके माध्यम से गांव-गांव, वार्ड-वार्ड, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं समुदायों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल एवं संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सिंह सरल द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

राज्य स्तरीय समन्वयक एवं प्रशिक्षक डॉ. अतुल कुमार रायजादा ने कहा कि अधिकांश युवा गलत संगति के कारण नशे की गिरफ्त में आते हैं तथा नशे की शुरुआत प्रायः मित्र मंडली से होती है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार एवं समाज को प्रभावित करता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को नशा मुक्त भारत अभियान का सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में डॉ. अर्जित गौरव, मनोरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय दतिया एवं डॉ शुभम ओझा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट तथा डॉ प्रजापति आयुष्मा अधिकारी ने विभिन्न प्रकार के नशों, उनके मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों तथा उपचार एवं पुनर्वास की प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर एक सत्र में समर्पण नशा मुक्ति केन्द्र के अध्यक्ष संजय भार्गव ने कहा कि जागरूकता ही नशे के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार है। वहीं सुदीप तिवारी, अध्यक्ष बाल प्रगति शिक्षण संस्था एवं जिला स्तरीय समिति सदस्य, नशा मुक्त भारत अभियान ने अभियान की गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान हरनाम सिंह, नारायण सिंह कुशवाह एवं उनकी टीम ने गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशा मुक्ति का प्रेरक संदेश दिया। तकनीकी सत्र में देवेश त्रिपाठी द्वारा ई-गवर्नेंस आधारित रिपोर्टिंग एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को समय पर उचित परामर्श, सकारात्मक वातावरण एवं सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सिंह सरल ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार एवं समाज तीनों के लिए विनाशकारी है और इसके विरुद्ध व्यापक जनजागरण अभियान चलाना समय की आवश्यकता है। नशा मुक्‍त की शपथ कार्यशाला के दौरान सभी उपस्थित प्रति‍भागिया द्वारा ली गई। 

शिक्षा विभाग से विकास शुक्‍ला एवं संजीव विश्‍वदेवा द्वारा स्‍कूल परिसर एवं उसकी 100 मीटर की परिधि से के बारे में विस्‍तार से बताया गया। कार्यशाला का संचालन विनोद मिश्र कला पथक प्रमुख ने किया 
डॉ. सुशील प्रजापति, आयुष अधिकारी ने योग एवं स्वस्थ जीवनशैली को नशा मुक्ति का प्रभावी माध्यम बताते हुए नशा मुक्ति हेल्पलाइन की जानकारी दी। अरविंद उपाध्याय ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना 1933 टोल फ्री हेल्पलाइन अथवा मानस पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है। कार्यशाला के दौरान नशा मुक्ति की शपथ ली गई।  

कार्यक्रम में विजय कुमार गुप्ता (वाल्मी, भोपाल), नरेन्द्र कुमार दुबे (जिला समग्र संयोजक एवं नोडल अधिकारी), विनोद मिश्रा, संजय निरंजन, मोहन गर्ग, कविश मिश्रा, आकाश शर्मा, परिवेश शर्मा, जसवंत वघेल, अमर सिंह, निधि गुप्ता, अर्पित गोस्वामी, आशाराम शंकवार, श्रीमती कीर्ति अडजरिया, देवेन्‍द्र उदैनिया, अनिल उदैनिया, पाठक मृत्‍स्‍य विभग, निर्मला लिटौरिया सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशेष रूप से स्‍काउड गाईड के बच्‍चे उपस्थित रहे। श्रीमती की‍र्ति अडजरिया सामािजक सुरक्षा अधिकारी एवं संजय निरंजन मुख्‍य लिपिक द्वारा अतिथियों का सम्‍मान किया गया। इस अवसार पर हरनाम सिंग की पुस्तक ललित बुंदेली का विमोचन कलेक्टर दतिया ने किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी मास्टर वालंटियर्स एवं नशा मुक्ति मित्रों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उपस्थित प्रतिभागियों ने "नशा मुक्त दतिया – नशा मुक्त भारत" के निर्माण हेतु सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। अंत में जिला समग्र संयोजक नरेन्द्र कुमार दुबे द्वारा सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

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